कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी बोले— कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी नहीं, सरकार की पाबंदियां ‘घबराहट भरा फैसला’ नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने देश में तेल और एलपीजी संकट से जुड़े मामले को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदम जल्दबाजी और घबराहट में लिए गए फैसलों जैसे प्रतीत होते हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को लेकर जो स्थिति बताई जा रही है, वह पूरी तरह से वास्तविकता को नहीं दर्शाती। उनके अनुसार कुछ समय पहले कच्चे तेल की कीमत लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई और हाल ही में यह लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में यह उतार-चढ़ाव सामान्य है और इससे यह स्पष्ट होता है कि तेल की कीमतों में कोई स्थायी या असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है। सांसद तिवारी ने कहा, जो कच्चा तेल या पेट्रोलियम उत्पाद आज भारतीय बाजार में आ रहे हैं, उनके खरीद अनुबंध कम से कम 45 से 60 दिन पहले किए गए होंगे, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं। कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा, कि ऐसी स्थिति में एयरलाइंस कंपनियों द्वारा अतिरिक्त सरचार्ज लगाना और सरकार की ओर से आवश्यक सेवाओं के रखरखाव अधिनियम एस्मा लागू कर विभिन्न प्रकार की पाबंदियां लगाना जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया जैसा लगता है। सांसद तिवारी ने कहा कि इन फैसलों से यह संकेत मिलता है कि सरकार ने परिस्थितियों का शांतिपूर्वक विश्लेषण करने के बजाय जल्दबाजी में कदम उठाए हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण आर्थिक और जनहित से जुड़े मुद्दे पर संसद में व्यापक और पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार तेल और एलपीजी से जुड़े फैसलों का सीधा असर आम जनता, परिवहन क्षेत्र और उद्योगों पर पड़ता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह संसद के माध्यम से देश को पूरी स्थिति से अवगत कराए और सभी पक्षों की राय सुनकर आगे की रणनीति तय करे। सांसद तिवारी ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुली बहस से ही सही नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए समय निर्धारित करे। हिदायत/ईएमएस 11मार्च26