- प्रशासन ने मोबाइल कोर्ट लगाकर सुलझाया टोरिया का 3 साल पुराना विवाद गुना (ईएमएस)। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और मोबाइल कोर्ट की त्वरित कार्यप्रणाली का एक बड़ा उदाहरण बुधवार को ग्राम टोरिया में देखने को मिला। महज 24 घंटे पहले कलेक्टोरेट में जनसुनवाई बंद करने, इच्छा मृत्यु की तख्ती लेकर प्रदर्शन करने वाले पीडि़त ब्राह्मण परिवार की समस्या का अंतत: मौके पर ही समाधान कर दिया गया। पिछले 3 वर्षों से लंबित इस रास्ता विवाद को प्रशासनिक अमले ने आपसी सहमति और सीमांकन के जरिए खत्म कराया। जनसुनवाई में प्रदर्शन के बाद हरकत में आया प्रशासन गौरतलब है कि मंगलवार को ग्राम टोरिया निवासी श्यामबाबू शर्मा ने अपने परिवार के 22 सदस्यों के साथ इच्छा मृत्यु और जनसुनवाई के बहिष्कार की मांग करते हुए कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर जबरन रास्ता निकालकर कब्जा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देश पर बुधवार को भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की मोबाइल कोर्ट मौके पर पहुंची। मौके पर सीमांकन और आपसी समझाइश से निकला रास्ता प्रशासनिक टीम ने आधुनिक मशीनों की सहायता से विवादित स्थल का सटीक सीमांकन किया। अधिकारियों ने अहिरवार बस्ती के निवासियों और शर्मा परिवार के बीच संवाद स्थापित कर सामाजिक समरसता की समझाइश दी। लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्ष सार्वजनिक रास्ते के लिए उचित स्थान पर राजी हो गए। सहमति बनते ही मौके पर मौजूद जेसीबी की मदद से अवरोधों को हटाकर व्यवस्थित रास्ता साफ किया गया, जिससे अब स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में आसानी होगी। इन अधिकारियों की रही मौजूदगी विवाद सुलझाने की इस बड़ी कार्रवाई में एसडीएम शिवानी पाण्डे, तहसीलदार (नगरीय) जी.एस. बैरवा, तहसीलदार (ग्रामीण) कमल सिंह मण्डेलिया, नायब तहसीलदार जयप्रकाश गौतम, हरिओम पचौरी, और कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव दल-बल के साथ मौजूद रहे। राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवारों की टीम ने भी सीमांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। - सीताराम नाटानी