राज्य
11-Mar-2026


:: शहर के 38 केंद्रों पर किशोरियों को लग रहा है टीका; विशेषज्ञों ने कहा - गलत तथ्यों पर न करें भरोसा :: इंदौर (ईएमएस)। गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से किशोरियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए इंदौर में चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर बुधवार को मीडिया उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह टीका अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी है। इंदौर जिले में वर्तमान में 38 टीकाकरण केंद्रों पर किशोरियों को निशुल्क टीका लगाया जा रहा है। प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा बक्षी ने बताया कि यह टीका 2006 से विश्वभर में लगाया जा रहा है और इसके परिणाम अत्यंत सकारात्मक हैं। उन्होंने किशोरियों को यह वैक्सीन लगवाने की पुरजोर अनुशंसा करते हुए नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अप्रमाणिक या गलत भ्रांतियों पर भरोसा न करें। :: वैक्सीन से ऑस्ट्रेलिया में हो गया बीमारी का उन्मूलन :: शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पराग गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से इस बीमारी का लगभग उन्मूलन कर दिया है। सरकार इस महंगे टीके को निशुल्क उपलब्ध करा रही है, जो भविष्य की स्वास्थ्य रक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग प्रमुख डॉ. निलेश दलाल ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। :: साइंटिफिक तथ्य और जरूरी जानकारियां :: - सुरक्षा : लाइसेंस मिलने के बाद से विश्वभर में 50 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी है और अब तक कोई गंभीर सुरक्षा समस्या सामने नहीं आई है। - किसे लग रहा है टीका : अभियान मोड में यह टीका 14 वर्षीय उन बालिकाओं को दिया जा रहा है, जिन्होंने 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। - क्यों है जरूरी : सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसके लगभग 99.7% मामलों का कारण एचपीवी संक्रमण है। - विशेष निर्देश : लाभार्थी यदि मासिक धर्म में है, तब भी टीका लगवाना सुरक्षित है। साथ ही, यदि आयु सत्यापित करने का प्रमाण नहीं है, तो अभिभावक के शपथ-पत्र के आधार पर भी टीका लगाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि भारत सरकार की ग्लोबल रणनीति 2030 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह टीकाकरण अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से लड़ने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है, जिसे सभी योग्य किशोरियों को लगवाना चाहिए। प्रकाश/11 मार्च 2026