-इन तस्वीरों में अमेरिकी विमानों, एयरबेस और सैन्य गतिविधियों की जानकारी दी थी बीजिंग,(ईएमएस)। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले से पहले इंटरनेट पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें तेजी से सामने आने लगी थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन तस्वीरों में अमेरिकी विमानों, एयरबेस और नौसैनिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई थी। दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें एक चीनी जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस कंपनी ने साझा की थीं, जो सैटेलाइट डेटा और एआई की मदद से सैन्य गतिविधियों का विश्लेषण करती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को ईरान पर पहली मिसाइल गिरने से पहले ही चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों के संकेत मिलने लगे थे। इन तस्वीरों में रनवे पर खड़े लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर उतरते ट्रांसपोर्ट प्लेन और भूमध्यसागर में तैनात विमानवाहक पोत दिखाई दे रहे थे। इन तस्वीरों की खास बात यह थी कि इनमें विमानों के प्रकार, मिसाइल रक्षा प्रणाली और सैनिकों की तैनाती तक की जानकारी दी गई थी और यह विवरण अंग्रेजी की बजाय मंदारिन भाषा में लिखा था। विश्लेषकों के मुताबिक कंपनी ने सैटेलाइट तस्वीरों को ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग और जहाज ट्रैकिंग डेटा के साथ जोड़कर एआई मॉडल के जरिए विश्लेषण किया था। इससे विमानों के प्रकार, एयर डिफेंस सिस्टम और सैनिकों की तैनाती जैसी जानकारी भी तस्वीरों में चिह्नित की गई थी। इसी बीच अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य अभियान के तहत ईरान पर हवाई हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने इन सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल अपने हमलों को निर्देशित करने के लिए किया था या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कंपनियां कमर्शियल सैटेलाइट डेटा, विमान ट्रैकिंग सिग्नल और जहाजों के ट्रैकिंग डेटा को जोड़कर जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस तैयार करती हैं, जो आम तौर पर राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार किया जाता है। इसी वजह से कुछ विश्लेषक ऐसी कंपनियों को “इंटेलिजेंस की ब्लूमबर्ग” भी कहते हैं, क्योंकि ये अलग-अलग स्रोतों से मिले डेटा को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़कर विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह मामला आधुनिक युद्ध और वैश्विक निगरानी में सैटेलाइट तकनीक और एआई की बढ़ती भूमिका को जरूर उजागर करता है। सिराज/ईएमएस 12 मार्च 2026