राज्य
12-Mar-2026


प्रयागराज (ईएमएस)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से बटुकों के यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक और याचिका दाखिल की है। उन्होंने कोर्ट से सुरक्षा और सम्मान की मांग की है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह याचिका सोशल मीडिया पर उन्हें हिस्ट्री शीटर कहे जाने के खिलाफ दायर की है। बार-बार ऐसी खबरों से आहत होकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका दावा है कि राजनीति की वजह से उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि हमें फर्जी मुकदमों में फंसाकर छह महीने जेल में रखा गया था। बिना किसी ठोस आधार के ही इनाम घोषित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर बार-बार हमारी छवि को पूरी तरह धूमिल किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह इन तमाम आरोपों से दोषमुक्त हो चुके हैं, लेकिन फिर भी उन्हें ‘अपराधी’ और ‘फरार’ के रूप में पेश किया जा रहा है। इसी तरह के ‘कैरेक्टर एसेसिनेशन’ को रोकने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस बार पुलिस महकमे के खिलाफ भी हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है। उनका कहना है कि बरी हो जाने के बाद भी यूपी पुलिस उन्हें इनामी अपराधी बोल रही है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इनामी अपराधी के रूप में दर्शाने के मामले को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत याचिका दाखिल की है। आशुतोष महाराज की तरफ से यह याचिका श्रीकृष्ण सेना के प्रदेश महामंत्री और इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सीताराम यादव और मंत्री विनोद सिंह एडवोकेट के जरिए दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि थाना कांधला, जनपद शामली में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे के आधार पर पुलिस द्वारा जल्दबाजी में आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को इनामी घोषित कर दिया गया था। याचिका में कहा गया है कि किसी व्यक्ति के न्यायालय से बरी हो जाने के बाद भी उसका झूठा आपराधिक इतिहास सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्राप्त गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि हमें जीआरपी की जांच से संतुष्टि नहीं है। जीआरपी ने जो तथ्य प्रस्तुत किए हैं, उससे हम संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराई जाए। जितेन्द्र 12 मार्च 2026