व्यापार
14-Mar-2026
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- बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में ही पांच फीसदी से अधिक की गिरावट रही मुंबई (ईएमएस)। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार ने चार साल में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही पांच फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। इस सप्ताह के दौरान निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता कमजोर रही, रुपये में कमजोरी जारी रही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली लगातार देखी गई और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव डाला। केवल मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से थोड़ी राहत देखने को मिली, जब उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को सेंसेक्स 77,566.16 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 1,352.74 अंक की गिरावट देखी गई। निफ्टी 24,028.05 अंक पर बंद हुआ, जो 422.40 अंक कम था। पश्चिम एशिया में तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निवेशक बेचने के मूड में थे। मंगलवार को बाजार में सुधार देखा गया। सेंसेक्स 78,205.98 अंक और निफ्टी 24,261.60 अंक पर बंद हुए। अमेरिकी बयान और डॉलर के मुकाबले रुपया 92.14 तक मजबूत होने से बाजार को थोड़ी राहत मिली। बुधवार को बाजार फिर लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 76,863.71 अंक और निफ्टी 23,866.85 अंक पर आ गए। ब्लू-चिप बैंक शेयरों में बिकवाली और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी मुख्य कारण रहे। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक रुझानों के चलते सेंसेक्स 76,034.42 अंक और निफ्टी 23,639.15 अंक पर गिर गया। सप्ताह का सबसे बड़ा नुकसान शुक्रवार को दर्ज हुआ। सेंसेक्स 74,563.92 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 1,470.50 अंक की गिरावट रही, जबकि निफ्टी 23,151.10 अंक पर पहुंच गया। इस दिन बाजार में पश्चिम एशिया तनाव, लगातार बिकवाली और निवेशकों के डर ने प्रमुख भूमिका निभाई। बीते सप्ताह स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का मार्केट कैपिटल सबसे अधिक प्रभावित हुआ। इसके अलावा लार्सन एंड टूब्रो, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस भी दबाव में रहे। सतीश मोरे/14मार्च ---