-2024 को आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का राज्यपाल बनाया था पटना,(ईएमएस)। सैयद अता हसनैन ने शनिवार को बिहार के नए राज्यपाल की शपथ ली। वे राज्य के 43वें राज्यपाल होंगे। पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह में सीएम नीतीश कुमार और दोनों डिप्टी सीएम मौजूद थे। सेना से रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना में अपनी बेहतर सेवाओं और रणनीतिक नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनकी गहरी समझ है। हसनैन करीब 40 सालों तक भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई। उनके नेतृत्व में सेना में कई सामाजिक पहल शुरू की गई, जिनमें युवाओं के लिए शिक्षा, खेल-रोजगार से जुड़े कार्यक्रम शामिल रहे। इससे कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की। सेना से रिटायर्ड होने के बाद भी वे राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े रहे। उन्हें एनडीएमए का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े कई अहम फैसलों में योगदान दिया। इसके पहले 25 दिसंबर 2024 को यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले आरिफ मोहम्मद खान को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया था। बिहार को 26 साल बाद मुस्लिम राज्यपाल मिला था। इससे पहले मुस्लिम समाज से ए आर किदवई 1998 तक बिहार के राज्यपाल रहे थे। अब जो नए राज्यपाल की नियुक्ति हुई है, वह भी मुस्लिम ही हैं। इससे पहले आरिफ मोहम्मद खान करीब 428 दिन तक बिहार के राज्यपाल रहे। उनका कार्यकाल छोटा लेकिन बेहतरीन और बिना किसी विवाद के रहा। इस दौरान पक्ष से लेकर विपक्ष तक के नेता उनके आरिफ मोहम्मद खान के मुरीद रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों को लेकर कई बेबाक टिप्पणियां भी कीं। अपने कार्यकाल में उन्होंने लोकभवन को एक सक्रिय मंच बनाने की पूरी कोशिश की। वह कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं और खासतौर पर छात्रों और बुद्धिजीवियों के बीच जाकर उनसे कई बार राय मशविरा भी किया। सिराज/ईएमएस 14मार्च26 ------------------------------