16 मार्च को होना राज्यसभा की दो सीटों का चुनाव, होटल के बाहर कड़ी सुरक्षा शिमला,(ईएमएस)। हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का खतरा कांग्रेस को सता रहा है। ऐसे में हरियाणा कांग्रेस ने बीती रात अपने विधायकों को हिमाचल में शिफ्ट कर दिया है। शिमला जिले का टूरिस्ट स्पॉट कुफ़री सियासत का हॉटस्पॉट बना है। हरियाणा कांग्रेस के विधायक बीती रात से ही हिमाचल पुलिस सुरक्षा घेरे में पर्यटन स्थल कुफरी के निजी होटल में ठहरे हैं। विधायकों की मौजूदगी को देखते हुए होटल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हिमाचल पुलिस के जवानों को होटल परिसर और आसपास के इलाके में तैनात किया है। अब इसके ताजा विजुअल सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार देर शाम कड़ी सुरक्षा के बीच हरियाणा कांग्रेस विधायकों का काफिला कुफरी पहुंचा। इसके बाद से पूरा इलाका हिमाचल पुलिस के सुरक्षा घेरे में है। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका ने जहां पहले हरियाणा कांग्रेस विधायकों को शिमला लाया गया। वहीं, इसने अब हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष को भी शिमला खींच लाया है। जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह हरियाणा के कांग्रेस विधायकों से मिलने हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मिलने पहुंचे। बता दें हरियाणा में 16 मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस की ये सभी विधायक कुफरी में बने रहेंगे। ऐसे में विधायकों के ठहरने की व्यवस्था गई है। होटल के बाहर हिमाचल पुलिस के जवान निगरानी कर रहे है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। फिलहाल सभी विधायक होटल के अंदर ही ठहरे हैं और बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद समेत 31 कांग्रेस विधायक और 4 सांसद भी हिमाचल के कुफरी के होटल में रूके हैं। हरियाणा कांग्रेस के 37 विधायकों में से नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, मोहम्मद इलयाज, विनेश फौगाट, कुलदीप वत्स, सरदार परमवीर सिंह और चंद्रमोहन बिश्नोई हिमाचल नहीं आए हैं। सिराज/ईएमएस 14मार्च26 ------------------------------- आंध्र में मिलावटी दूध पीने से मरने वालों की संख्या 16 हुई, कई लड़ रहे जिंदगी की जंग -डॉक्टर बोले-जहरीले रसायन ने जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचाया, कई मरीज वेंटिलेटर पर अमरावती,(ईएएमस)। आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में मिलावटी दूध पीने से मरने वालों की संख्या 16 हो गई है। कई पीड़ितों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है। इस घटना से पूरे आंध्र प्रदेश में हाहाकार मचा है। यह मामला पिछले महीने की 16 तारीख को सामने आया था इस घटना के बाद अब भी शहर के लोग गहरे सदमे में हैं। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई। डॉक्टर अभी भी उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने वह जहरीला दूध पिया था। वर्तमान में एक पांच महीने के शिशु और दो साल के बच्चे समेत पांच मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि सभी मरीज वेंटिलेटर पर हैं। उनका डायलिसिस किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीले रसायन ने शरीर के जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा, जिससे इलाज करना बेहद मुश्किल हो गया। मरने वालों में दो बच्चे, मनोहर (6 साल) और जयकृत राज (3 साल) भी शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दूध में इथाइलीन ग्लाइकॉल नाम का एक बहुत जहरीला रसायन मिला था। आरोप है कि यह दूध कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम के रहने वाले गणेश्वर राव नाम के विक्रेता ने सप्लाई किया था। इस घटना का पता तब चला जब एक ही परिवार के चार सदस्यों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने इसकी जांच की। मेडिकल जांच में मरीजों के सीरम क्रिएटिनिन का स्तर 8 से 11 के बीच पाया गया, जो किडनी के गंभीर नुकसान को दर्शाता है। वहीं हैदराबाद के विशेषज्ञों ने भी अस्पताल आकर स्थिति का जायजा लिया और जरूरी सलाह दी। अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाकों के करीब 65 दूध विक्रेता राजमहेंद्रवरम शहर में दूध की सप्लाई करते हैं और इस मिलावट कांड ने पूरे कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। अधिकारी अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और सख्त खाद्य सुरक्षा जांच की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने भी जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है ताकि उपभोक्ताओं को मिलावटी दूध की पहचान करने और संदिग्ध उत्पादों की सूचना देने के लिए शिक्षित किया जा सके। इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश है, जो मिलावट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सिराज/ईएमएस 14मार्च26 ------------------------------