ट्राइसाइकिल भीख मांगने के लिए नहीं दी गुना(ईएमएस)। गुना के शुभ विदाई गार्डन में सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित दिव्यांग किट वितरण कार्यक्रम में विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने मंच से दिव्यांगों से कहा कि ट्राइसाइकिल चौराहे और मंदिर के आगे 10 रुपए की भीख मांगने के लिए नहीं दी गई है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे और इसी दौरान विधायक ने यह बात कही। सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा शहर के शुभ विदाई गार्डन में सामाजिक अधिकारिता शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी अंकित सोनी भी मौजूद रहे। यहां सभी की मौजूदगी में दिव्यांगों को किट वितरित की गईं। मंदिर के आगे हाथ फैलाने के लिए नहीं दी साइकिल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि सरकार ने दिव्यांगों के लिए ये जो प्रयत्न किया है, वो उनके जीवन में आगे बढऩे के लिए है। विधायक ने आगे कहा कि नहीं तो हम केवल इसी के लिए घूम रहे हैं क्या कि ट्राइसाइकिल उठाई और मंदिर के आगे, चौराहे पर घूम रहे हैं और हाथ फैला रहे हैं कि दे देना दस रुपए भगवान के नाम पे। इसके लिए नहीं दी है साइकिल। उन्होंने दिव्यांगों को नसीहत देते हुए कहा कि सामाजिक हित की भी सोचो। जैसे सरकार हमारे बारे में सोच रही है। बचपन का किस्सा सुनाया- मैं जन्म से गूंगा था विधायक ने कहा कि एक बात समझ लीजिएगा, ऐसे विलक्षण लोगों के अलग से एक प्रतिभा होती है। परमात्मा कोई एक बुराई पैदा कर दे उसके शरीर में, तो दूसरी चीज बहुत ही श्रेष्ठता के साथ विकसित हो जाती है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि मेरा जब जन्म हुआ तो मेरी जीभ जुड़ी हुई थी, मैं गूंगा था। बोलना नहीं जानता था। उन्होंने आगे कहा कि पता नहीं ऊपर वाले को कुछ मंजूर होगी, ऐसा योग संयोग बन गया कि मैं जब कुछ कहता हूं तो महाराज भी खुश हो जाते हैं। इलेक्टेड हों, सिलेक्टेड हों, चर्चा का विषय बन जाता है। दिव्यांग समाज के हित में काम करें, पेड़ लगाएं विधायक ने कहा कि दिव्यांगों के हित में जो काम सरकार कर रही है, उन सब दिव्यांगों को भी चाहिए कि वे समाज के हित में कुछ करें। बहुत काम है, बताने की जरूरत नहीं है कि क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समझदार के आगे डलिया, झाड़ू नहीं रखी जाती। वो खुद ही झाड़ू उठाकर सफाई करने चल देता है। हम भी किसी के बताने की अपेक्षा न करें। उन्होंने सामाजिक कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज का हित चाहते हैं तो पानी कैसे सुरक्षित किया जाए, पेड़ लगाकर उनकी रक्षा की जाए। विनोद उपाध्याय / 14 मार्च, 2026