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15-Mar-2026
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मुंबई,(ईएमएस)। लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत रद्द किए जाने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता और टीएमसी नेता माजिद मेनन ने केंद्र सरकार से सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि वांगचुक को हिरासत में लेने का आधार क्या था और क्या अब वह सबूत गायब हो गए हैं। मेमन ने कहा, यदि कोई सामाजिक कार्यकर्ता या विरोधी ऐसी कोई बात कहता है, जिससे सरकार नाखुश होती है, तो उस पर एनएसए लगाया जा सकता है। इसमें सुनवाई नहीं होती। फिर हिरासत को अचानक रद्द कर देना सवाल खड़ा करता है कि क्या परिस्थितियां बदल गईं? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए एजेंसियों और चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर सकती है। पूर्व सांसद ने कहा, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री समेत भाजपा के बड़े नेता जोर-शोर से कह रहे हैं कि वे ममता दीदी की सरकार को हर हाल में गिरा देंगे। उनका मकसद केवल चुनाव जीतना है। भाजपा का सपना है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत देश के शेष राज्यों में भी वह अपना प्रभुत्व स्थापित करे। केंद्र सरकार द्वारा एनएसए हटाने और हिरासत रद्द किए जाने के तुरंत बाद 59 वर्षीय सोनम वांगचुक को जोधपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया। गृह मंत्रालय ने बताया कि वांगचुक ने निर्धारित हिरासत अवधि का लगभग आधा समय ही पूरा किया था। सरकार ने हिरासत रद्द करने का निर्णय तत्काल प्रभाव से लिया। हिदायत/ईएमएस 15मार्च26