अंतर्राष्ट्रीय
17-Mar-2026


काबुल (ईएमएस)। अफगानिस्तान में हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं और ताजा घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में अफगान नागरिकों की भारी संख्या में मौत की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। अफगान अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में करीब 400 आम नागरिक मारे गए, जबकि 250 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई आग और खंडहर बने अस्पताल की वीडियो आतंक की भयावहता को दिखाते है। स्थानीय समय के अनुसार यह हमला रात करीब 9 बजे हुआ, जब एक ड्रग ट्रीटमेंट हॉस्पिटल में करीब 2,000 मरीजों का इलाज जारी था। इस फैसिलिटी का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया जिसके कारण राहत कार्य और शव निकालने के प्रयास जारी हैं, और मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ये हमला 2021 के उस भयानक दिन की याद दिलाता है, जब तालिबान के कब्जे और अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी के दौरान एक भीषण सुसाइड बम धमाका हुआ था, इसमें 169 आम नागरिक और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। वर्तमान की घटना सबसे गंभीर हमलों में से एक है और इससे यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान के साथ तालिबान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष अब गंभीर रूप ले चुका है। फरवरी में पाक-अफगान सीमा पर शुरू हुए युद्ध के बाद से दोनों पक्षों के बीच बार-बार झड़पें हो रही हैं। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ अपनी वायु शक्ति का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है और अफगान अधिकारी बताते हैं कि इससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान समझता है कि वह तालिबान के साथ जमीनी स्तर पर अपनी सेना नहीं संभाल सकता, इसलिए वह वायु हमलों के जरिए तालिबान को दबाने और बातचीत के लिए मजबूर करने की रणनीति अपना रहा है। एक वरिष्ठ अफगान अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में शासन बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने जानबूझ कर अस्पताल को निशाना बनाया, ताकि यह संदेश दे सके कि तालिबान को बातचीत की मेज पर आना चाहिए। अफगान उप सरकारी प्रवक्ता मंदुल्लाह फितरत ने हमले की निंदा कर कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और राहत टीमें आग पर काबू पाने और शवों को निकालने में जुटी हैं। वहीं पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने कहा है कि काबुल के आरोप “बेबुनियाद” हैं और यह कि किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया। पाकिस्तानी सरकार का दावा है कि उसके हमले केवल सैन्य ठिकानों, तकनीकी उपकरणों और आतंकी ढांचों को निशाना बना रहे हैं। पाकिस्तान यह भी बार‑बार कहता रहा है कि अफगान तालिबान पाक नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकी समूहों का समर्थन कर रहा है, हालांकि इसके पक्ष में ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं। 26 फरवरी से पाकिस्तान अफगानिस्तान पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है और दावा करता है कि वह केवल सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहा है। लेकिन अफगान अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं और 1,15,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान दुनिया का ध्यान ईरान में चल रहे युद्ध की ओर खींचकर अफगानिस्तान में अधिक नुकसान पहुंचाना चाहता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें कहीं और मुंह हो गई हैं। अफगानिस्तान में जारी इस संघर्ष ने ना केवल लोगों की जान ली है, बल्कि समाज और मानवता को भी गहरा आघात पहुँचाया है। युद्ध की इस विध्वंसक स्थिति के बीच, अफगान जनता अपने घरों और अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रही है। बॉर्डर पर जमा लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ने को तैयार दिखाई दे रहे हैं, और तनाव बढ़ता ही जा रहा है। आशीष दुबे / 17 मार्च 2026