राष्ट्रीय
18-Mar-2026
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- दुनिया में चल रही जंग ने एक बार फिर चंगेज खान को जिंदा कर दिया नई दिल्ली(ईएमएस)। दुनिया के लगभग 5 दर्जन देश ऐसे हैं जहां किसी न किसी रुप में संघर्ष चल रहा है। कहीं सीधे जंग लड़ी जा रही है तो कहीं अप्रत्यक्ष युध्द चल रहा है। इससे साफ है कि लगभग आधी दुनिया महासंग्राम की मार झेल रही है। इसका अंत क्या होगा ये कोई नहीं जानता। पर इतना जरुर है कि युध्द का परिणाम हमेशा बुरा ही होता है। ऐसे बुरे परिणाम याद आने लगे हैं। बुरा और क्रूर सुल्तान चंगेज खान जिसका नाम सुनकर आज भी रुह कांप जाती है। जिसने धरती पर इतनी मारकाट की की इंसानों के सिर काटकर पहाड़ बना दिए। खून इतना बहाया कि धरती का तापमान गिर गया और दुनिया की 11 प्रतिशत आबादी कम हो गई। इतिहास के पन्नों में कई युद्ध दर्ज हैं, लेकिन मंगोल साम्राज्य के विस्तार की वो जंग इंसानियत के इतिहास का सबसे काला अध्याय मानी जाती है। सन 1206 से 1368 के बीच लड़े गए इस महायुद्ध ने दुनिया की सूरत और सीरत दोनों बदल दी थी। इस कत्लेआम का नेतृत्व कर रहा था मंगोल साम्राज्य का संस्थापक चंगेज खान, जिसे इतिहास में राजा नहीं बल्कि मौत का सौदागर कहा जाता है। चंगेज खान की क्रूरता का आलम यह था कि उसने अपनी तलवार के दम पर न केवल भूगोल बदल दिया, बल्कि धरती की आबादी का 11 प्रतिशत हिस्सा हमेशा के लिए खत्म कर दिया। चंगेज खान की युद्ध नीति केवल जीत तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह दुश्मन का अस्तित्व मिटाने में विश्वास रखता था। जब उसकी सेना किसी शहर को फतह करती, तो वह दहशत फैलाने के लिए मारे गए लोगों के कटे हुए सिरों से ऊंचे-ऊंचे मीनार और पिरामिड बनाती थी। यह खौफनाक मंजर आने वाले दुश्मनों के लिए एक चेतावनी होता था। एक बार एक शासक ने उसके पोते की हत्या कर दी, तो प्रतिशोध की आग में जलते चंगेज खान ने उस पूरे शहर को मिटाने के लिए नदी का रुख ही मोड़ दिया। आज उस शहर का नामो-निशान दुनिया के नक्शे से मिट चुका है। हैरत की बात यह है कि चंगेज खान का खौफ उसकी मौत के बाद भी खत्म नहीं हुआ। वह अपनी कब्र को एक रहस्य बनाकर रखना चाहता था। उसकी शवयात्रा के दौरान जो भी व्यक्ति सामने आया, उसे मार दिया गया। यहाँ तक कि जिन सैनिकों ने उसे दफनाया, उनकी भी हत्या कर दी गई ताकि राज सुरक्षित रहे। यही कारण है कि सदियां बीत जाने के बाद भी आज तक कोई भी पुरातत्वविद उसकी असली कब्र का पता नहीं लगा पाया है। दुनिया के हर 200 लोगों में से एक चंगेज खान का वंशज वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार, चंगेज खान द्वारा किए गए नरसंहार का असर पर्यावरण पर भी पड़ा था। कत्लेआम इतना भयावह था कि आबादी घटने से खेती पूरी तरह बंद हो गई और उन जमीनों पर घने जंगल उग आए। इन जंगलों ने वातावरण से इतनी कार्बन सोखी कि धरती का तापमान गिर गया। यह इतिहास का इकलौता ऐसा युद्ध था, जिसने धरती को ठंडा कर दिया था। चंगेज खान की बर्बरता का एक और पहलू महिलाओं पर किए गए जुल्म थे। जेनेटिक वैज्ञानिकों के एक चौंकाने वाले शोध के मुताबिक, आज दुनिया भर में हर 200 में से 1 पुरुष चंगेज खान का सीधा वंशज है। यह आंकड़ा उस दौर में महिलाओं के साथ हुई ज्यादतियों और उसके साम्राज्य की क्रूर विरासत की गवाही देता है। वीरेंद्र/ईएमएस 18 मार्च 2026