-देवगौड़ा, खड़गे और शरद पवार के लंबे संसदीय अनुभव का किया उल्लेख नई दिल्ली,(ईएमएस)। राज्यसभा में बुधवार को 37 सदस्यों को विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावपूर्ण संबोधन देते हुए सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और नए सदस्यों से उनके अनुभवों से सीखने की अपील की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सदन से विदा ले रहे कई सदस्य ऐसे हैं, जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसदीय कार्यप्रणाली को समर्पित किया है। उन्होंने विशेष रूप से एच. डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपनी आधी से अधिक उम्र संसद में बिताई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतने लंबे अनुभव से नई पीढ़ी के सांसदों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और समर्पण का भाव इन वरिष्ठ नेताओं से सीखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी विदा हो रहे सदस्यों के योगदान को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यहां बताते चलें कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का बुधवार को आठवां दिन है। इससे एक दिन पहले ही निलंबित किए गए आठ सांसदों का निलंबन भी वापस ले लिया गया, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चली। राज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदस्यों के सवालों के जवाब दिए और इसके बाद विनियोग विधेयक 2026 पेश किया। इस विधेयक के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार के 2.01 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। चर्चा के बाद राज्यसभा ने विनियोग विधेयक को वॉइस वोट से पारित कर लोकसभा को भेज दिया। इस दौरान सदन में विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा भी हुई, जिससे संसदीय प्रक्रिया की सक्रियता और गंभीरता का प्रदर्शन हुआ। हिदायत/ईएमएस 18मार्च26