इन लोगों पर म्यांमार के आतंकी ग्रुप को ड्रोन वॉरफेयर सिखाने का है आरोप नई दिल्ली,(ईएमएस)। एनआईए ने छह यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन पर अवैध रूप से मिजोरम में प्रवेश करने और फिर पड़ोसी देश म्यांमार जाकर उग्रवादियों को लड़ाई की ट्रेनिंग देने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक एनआईए ने दिल्ली और लखनऊ समेत कई प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट्स से इन छह यूक्रेनी नागरिकों को पकड़ा है। इसके अलावा एक अमेरिकी नागरिक को कोलकाता एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है, जिसकी पहचान मैथ्यू वैनडाइक के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी विदेशी नागरिक मिजोरम पहुंचे थे, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है। यह राज्य म्यांमार के साथ करीब 510 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। इस क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के प्रवेश के लिए ‘रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट’ अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि इन लोगों ने बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश किया। इतना ही नहीं, एजेंसियों का यह भी कहना है कि इन विदेशी नागरिकों ने म्यांमार के अंदर सक्रिय कुछ जातीय सशस्त्र समूहों से संपर्क किया और उन्हें कथित तौर पर प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए। पकड़े गए ये सभी नागरिक ड्रोन तकनीक में माहिर बताए जा रहे हैं। खुफिया सूत्र बताते हैं कि ये लोग म्यांमार के आतंकी ग्रुप को ड्रोन वॉरफेयर सिखाने आए थे। अगर म्यांमार के आतंकी समूह आधुनिक ड्रोन से लैस हो गए, तो इसका सीधा असर भारत के मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड की सुरक्षा पर पड़ेगा। इस पूरे मामले पर यूक्रेन ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सैंडर पोलिशचक ने विदेश मंत्रालय को औपचारिक विरोध पत्र सौंपा है। यूक्रेन का कहना है कि उसके नागरिकों के खिलाफ अब तक किसी भी आपराधिक गतिविधि के ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया है कि हिरासत में लिए गए नागरिकों की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई, जो कि वियना संधि के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस संधि के तहत किसी भी विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में उसके देश के दूतावास को तुरंत सूचित करना जरूरी होता है। यूक्रेन का कहना है कि भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई जगह ऐसे हैं जहां विशेष अनुमति की जरूरत होती है, लेकिन जमीन पर इन सीमाओं को स्पष्ट रूप से चिह्नित नहीं किया गया है। ऐसे में विदेशी पर्यटकों या नागरिकों द्वारा अनजाने में नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इस बीच कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। 16 मार्च को दिल्ली की एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों की हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान यूक्रेनी दूतावास के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से सीधे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जिसे लेकर यूक्रेन ने आपत्ति जताई है। वहीं, अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को लेकर अमेरिका ने फिलहाल सतर्क रुख अपनाया है। अमेरिकी दूतावास ने मामले की जानकारी होने की पुष्टि की है, लेकिन गोपनीयता के चलते इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और 27 मार्च तक की अवधि को अहम माना जा रहा है। इस दौरान जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन जांच करेंगी, जबकि यूक्रेन की प्राथमिकता अपने नागरिकों तक निर्बाध राजनयिक पहुंच सुनिश्चित करना है। सिराज/ईएमएस 18मार्च26 --------------------------------