राज्य
19-Mar-2026
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- एमपीईबी ने कांग्रेस कार्यलय के बाहर चिपकाया कुर्की का नोटिस भोपाल (ईएमएस)। कांग्रेस कार्यालय छतरपुर में उस वक्त हडक़म्प मच गया जब कार्यालय को कुर्क करने का नोटिस जारी कर दिया गया। यह नोटिस एमपीईबी द्वारा कांग्रेस कार्यालय के बाहर चस्पा किया गया था। दरअसल, कांग्रेस कार्यालय छतरपुर ने लंबे समय से बिजली का बिल नहीं भरा था और बार-बार सूचना के बाद भी बिल नहीं दिया, जिसके बाद एमपीईबीने अब कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है। नोटिस की जानकारी लगते ही आम जनता सहित कोंग्रेसी नेता भी हैरान रह गए। वहीं, जिला अध्यक्ष गगन यादव ने कहा कि हमें अभी कोई जानकारी नहीं है लेकिन यह बीजेपी की साजिश लग रही है। जानकारी के मुताबिक बिल नहीं चुकाए जाने पर एमपीईबी के अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यालय जाकर पूछताछ की थी लेकिन जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया। एमपीईबी के मुताबकि कांग्रेस कार्यालत का 10 हजार 101 रु का बिल बकाया है और उन्हें भुगतान का अंतिम अवसर पहले ही दिया जा चुका है। ये लिखा है कुर्की नोटिस में एमपीईबी के द्वारा चिपकाए गए नोटिस में लिखा है कि आपके द्वारा विद्युत कनेक्शन क्रमांक 1201021567 के विद्युत बिल का भुगतान नियत तिथि के अंदर भुगतान नहीं किया गया है। यह कि आपके उक्त विद्युत कनेक्शन पर बकाया राशि 10101 रूपए का बिल भुगतान हेतु लंबित है। अत: मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिकल अंडर टेकिंग (बकाया राशि) वसूली अधिनियम 1959 की धारा 147 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत आपको यह नोटिस प्रेषित किया जा रहा है, कि आप कंपनी की बकाया राशि इस नोटिस प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर जमा कर दें अन्यथा उक्त राशि उपरोक्त अधिनियम की धारा 6 के अनुसार बकाया भू-राजस्व के रूप में मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत एक पक्षीय कार्रवाई करते हुये राजस्व अधिकारियों के माध्यम से संपत्ति कुर्की की कार्रवाई कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी। जब मामले में छतरपुर कोंग्रेस जिला अध्यक्ष गगन यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है लेकिन आप ने बताया तो पता चला है, हम दिखवाते हैं। सिर्फ 10 हजार रु के लिए नोटिस चिपकाना उचित नहीं है। यह बीजेपी की साजिश लग रही है। वहीं, जब मामले में एमपीईबी के अधिकारी केएस घोसी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह रूटीन प्रकिया है। अभी मार्च चल रहा है इसलिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुछ लोग नोटिस ले लेते हैं, वहीं कुछ नहीं लेते तो चस्पा करने पड़ते हैं। शहर में बिजली का 9 करोड़ बकाया जिसकी वसूली के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। विनोद / 19 मार्च 26