नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत के लोगों ने ईरान को चिकित्सा सहायता भेजी, जो इस समय इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संघर्ष में उलझा है। यह खेप भारत की ओर से ईरानी जनता को भेजी गई पहली खेप है। इसके जवाब में ईरान ने भारत के लोगों के प्रति आभार जताया है। भारत में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने एक्स पोस्ट में कहा कि भारत के सम्मानित लोगों की ओर से भेजी गई चिकित्सा सहायता की पहली खेप ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंप दी गई है। हम भारत के दयालु लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले, भारत में ईरानी दूतावास ने भी सहायता के संबंध में एक संदेश साझा किया था। दूतावास ने भारतीयों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और मदद करने के लिए एक आधिकारिक खाता संख्या जारी की। सूत्रों के मुताबिक अभी तक भारत सरकार की तरफ से ईरान को किसी तरह की मदद नहीं भेजी गई है। ईरानी दूतावास ने भी अपनी पोस्ट में कहा था कि मदद भारत के लोगों ने भेजी है, इसमें भारत सरकार की मदद शामिल नहीं है। भारत में ईरानी दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था कि यह मदद ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई है। पोस्ट में दूतावास ने भारत के लोगों के प्रति आभार जताया। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज़ ने बुधवार को घोषणा की कि इजराइली हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब मारे गए। यह घटना दो अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों- ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी और ब्रिगेडियर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी की हत्या के ठीक एक दिन बाद हुई। काट्ज़ ने कहा कि इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के अपनी सूची में शामिल किसी भी अन्य उच्च पदस्थ ईरानी अधिकारी को निशाना बनाने और खत्म करने की अनुमति दी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक बताया और कहा कि इससे निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाए गए हैं। ट्रम्प ने अमेरिका के सहयोगियों पर भी कटाक्ष करते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार बताया। सिराज/ईएमएस 19मार्च26