लखनऊ (ईएमएस)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से निजीकरण के विरोध में प्रदेश स्तर पर आंदोलन तो जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों के प्रति जिम्मेदारी को समझते हुए गुरुवार को शुरू होने जा रहे नवरात्र और ईद के पर्व को देखते हुए बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। संघर्ष समिति ने प्रदेशभर के बिजली कर्मियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 19 मार्च से 27 मार्च तक निजीकरण के विरोध में आंदोलन चल रहा है। इसके बावजूद सभी उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु रखा जाए। इसी क्रम में बुधवार को लखनऊ समेत प्रदेश भर की सदर तहसील परिसरों संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने निजीकरण के विरोध में धरना दिया गया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर बिजली का निजीकरण वापस लेने, किसानों को घरेलू उपयोग हेतु मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने तथा ग्रेच्युटी की समस्याओं का समाधान करने आदि की मांग की गई। जितेन्द्र 19 मार्च 2026