एक ही दिन में निवेशकों के 12 लाख करोड़ डूबे मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट रही। इससे लगातार तीन करोबारी सत्र मे जो लाभ हुआ था उससे कई गुना अधिक नुकसाना हो गया । बाजार में ये गिरावट दुनिया भर के बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के साथ ही बिकवाली हावी रहने से आई है। अमेरिका और इजरायल के ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र और इसकी प्रतिक्रिया में ईरान के कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमले के बाद से ही निवेशकों में घबराहट का माहौल है। इन सभी गैस क्षेत्रों को होने वाले नुकसान से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना तय है। इसके अलावा घरेलू बाजार में एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई गिरावट ने भी बाजार पर दबावा पड़ा है। दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स अंत में सेंसेक्स 2496.89 अंक टूटकर 74,207.24 पर बंद हुआ। वहीं इसी प्रकार 50 शेयरों वाला एनएसई का निफ्टी-50 भी 775.65 फिसलकर 23,002 पर बंद हुआ। बाजार जानकारों के अनुसार आज हर क्षेत्र में बिकवाली हावी रही। इससे बाजार की कमजोरी का अंदाज होता है। आज वाहन, संपत्ति और वित्तीय शेयर सबसे ज्यादा गिरे। व्यापक बाजार में भी भारी गिरावट आई, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक करीब 3-3 फीसदी गिरे। ।” क्रूड (कच्चे ) तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से भी बाजार पर दबाव आया है। क्रूड की कीमतें 119 डॉलर के करीब पहुंच गई, जिससे नकारात्मक माहौल और गहरा गया। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से भी बाजार गिरा है। रुपये की कमजोरी और महंगाई व आर्थिक वृद्धि को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी बाजार धारणा कमजोर हुई है।” सेंसेक्स की सभी कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। सबसे ज्यादा गिरावट बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, बनज फिनसर्व, ट्रेंट लिमिटेड और एक्सिस बैंक में आई। वहीं, सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार के ब्रोडर इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 3.19 फीसदीद और स्मॉलकैप 100 2.94 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में गिरावट के ये रहे कारण मध्य पूव बढ़ते तनाव से तेल की कीमतों में लगभग 3 फीसदी की बढ़त हुई जिससे बाजार नीचे टूटने लगा। गैस क्षेत्र पर हमले से निवेशकों में डर का माहौर है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान भी तेल और गैस संयंतों पर हमले कर रहा है। ब्रेंट क्रूड के फ्यूचर्स 3.69 डॉलर या 3.44 फीसदी बढ़कर 111.07 डॉलर हो गए। जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.29 डॉलर या 2.38 फीसदी बढ़कर 98.61 डॉलर पर पहुंच गया। युद्ध को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से भी निवेशक बाजार से दूर हुए है। रिफाइनरियों पर हमले के बाद ब्रेंट क्रूड अब 111 डॉलर पर पहुंच गया है। बाजार में पिछले तीन कारोबारी सत्र में बढ़त के बाद आज मुनाफा वसूली भी देखने को मिली। पिछले तीन ट्रेडिंग एशिया के बाजार गुरुवार की शुरुआती ट्रेडिंग में गिरावट के साथ खुले। यह वॉल स्ट्रीट में रातभर आई गिरावट को दर्शाते हैं। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 2.74 फीसदी और 2.50 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे। निवेशकों की नजरें बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर निर्णय पर भी टिकी हुई है। वहीं अमेरिकी बाजार की बात करें तो एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स 1.36 फीसदी और 1.63 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट 1.46 फीसदी नीचे बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को दो दिवसीय नीति बैठक के अंत में अपनी प्रमुख नीति दर को 3.5–3.75फीसद पर स्थिर रखा। इज़राइल और ईरान के बीच हुए हमलों से एनर्जी व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे पहले आज सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट रही। लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद बाजार ने कमजोर शुरुआत की और शुरुआती घंटों में ही बड़ी गिरावट दर्ज की। सेंसेक्स 1500 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ करीब 74,750 के स्तर पर खुला। सुबह शुरुआत के बाद यह 1687 अंकों या लगभग 2.20 फीसदी की गिरावट के साथ 75,017 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी दबाव में नजर आया। निफ्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 23,180 के स्तर पर खुला और सुबह शुरुआत के बाद यह 507 अंकों की गिरावट के साथ 23,270 के आसपास कारोबर कर रहा था। ईएमएस 19 मार्च 2026