जब हम विकसित भारत हों तो विश्व के नेतृत्व की क्षमता हमारे भारतवर्ष में होनी चाहिए - विधानसभा अध्यक्ष भोपाल(ईएमएस)। विधान सभा के मानसरोवर सभागार में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 के दो दिवसीय कार्यक्रम का विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर ने उद्घाटन किया । यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना और मेरा युवा भारत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हो रहा है । इस दो दिवसीय कार्यक्रम में संपूर्ण मध्य प्रदेश के महाविद्यालयीन छात्र प्रतिभागी के रूप में भाग ले रहे हैं । कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना और भारत सरकार लगातार आज अपने देश की आधी से अधिक युवा आबादी के लिए समय-समय अनेक प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार इस बात पर काम हो रहा है कि हमारी युवा आवादी का भविष्य उज्जवल हो, हर क्षेत्र में हमारे नौजवान उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करें और देश का नाम रोशन करें। इस दृष्टि से चाहे खेल, स्टार्टअप, व्याख्यानमाला, ज्ञान माला का क्षेत्र हो हर क्षेत्र में भारत सरकार ने यह प्रयत्न किया है कि हमारा आने वाला विससित भारत तो हो, विकसित भारत सिर्फ अधोसंरचना और विज्ञान की दृष्टि से नहीं हो, जब हम विकसित भारत हों तो विश्व नेतृत्व की क्षमता हमारे भारतवर्ष में होनी चाहिए। इसलिए आज की युवा पीढ़ी आने वाले कल का निश्चित रूप से भविष्य है। उनका सर्वांगीण विकास हो जिससे आने वाले कल में नेतृत्व की चुनौतियों का सामना ही नहीं करने, वरन निश्चित रूप से विजय प्राप्त करने की क्षमता हमारी पीढी में होनी चाहिए।यह भारत सरकार, राज्य सरकार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की लगातार कोशिश रहती है। भारतीय युवा संसद कार्यक्रम में जो प्रतिभागी विजेता होंगे वह देश की संसद में भाग लेने जाएंगे उन सभी प्रतिभागियों को विधानसभा अध्यक्ष ने शुभकामनाएं दीं कार्यक्रम में डॉ अशोक कुमार श्रोती, उप कार्यक्रम सलाहकार क्षेत्रीय निदेशालय,कार्यक्रम और खेल मंत्रालय भारत सरकार, राष्ट्रीय सेवा योजना की स्टेट डायरेक्टर श्रीमती तारा पारही, डॉ राजकुमार वर्मा, राष्ट्रीय सेवा योजना मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेशवधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा एवं संपूर्ण मध्य प्रदेश के प्रतिभागी सभागार में उपस्थित रहे। हरि प्रसाद पाल / 19 मार्च, 2026