राज्य
20-Mar-2026
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रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में पर्यटन विभाग से जुड़ा एक अहम मुद्दा उस वक्त चर्चा में आया, जब विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित कर्मा एथेनिक रिसोर्ट को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। विधायक ने सवाल उठाया कि यह रिसोर्ट किस मद के अंतर्गत विकसित किया गया है, कितनी भूमि पर स्थित है और इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में किन-किन कार्यों को शामिल किया गया था। साथ ही, प्रोजेक्ट की कुल लागत और वर्तमान रखरखाव खर्च की जानकारी भी मांगी गई। इस पर जवाब देते हुए पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि कर्मा एथेनिक रिसोर्ट “पहाड़ एवं चट्टान” मद के अंतर्गत विकसित किया गया है। यह रिसोर्ट 8 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैला है और इसके निर्माण में 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि डीपीआर में 25 से अधिक कार्यों को शामिल किया गया था, जिनमें बुनियादी ढांचा, पर्यटक सुविधाएं, आवास व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और अन्य पर्यटन विकास कार्य शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि इसे एक समग्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। रखरखाव को लेकर मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 में मासिक मेंटेनेंस पर 67,630 रुपये खर्च किए गए। इससे संकेत मिलता है कि प्रोजेक्ट के संचालन के लिए नियमित बजट प्रावधान किया जा रहा है। हालांकि, सदन में इस बात को लेकर सवाल उठे कि इतनी बड़ी लागत से बने प्रोजेक्ट्स से अपेक्षित पर्यटन लाभ मिल रहा है या नहीं। मैनपाट को “छत्तीसगढ़ का शिमला” कहा जाता है और यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। विपक्ष और कुछ विधायकों का मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता और आय-व्यय का समय-समय पर मूल्यांकन जरूरी है, ताकि सरकारी धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/20 मार्च 2026