बुरहानपुर (ईएमएस)। ईद-उल-फितर का त्योहार सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र पर्वों में से एक है। यह त्योहार रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद मनाया जाता है। पूरे एक महीने के रोज़े, इबादत,के बाद ईद खुशियों और आपसी भाईचारे का संदेश लेकर आती है। जो आपसी प्रेम, और सद्भाव का प्रतीक भी है ईद के अवसर पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है, साथ ही पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़भाड़ वाले बाजारों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। त्योहार को लेकर बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ईद से पहले ही बाजार पूरी तरह सज जाते हैं और लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। कपड़े, जूते, इत्र, सेवइयां और अन्य मिठाइयों की खरीदारी जोरों पर है। बच्चे और बड़े सभी नए कपड़े पहनने और त्योहार को धूमधाम से मनाने के लिए उत्साहित हैं। ईद के दिन सुबह ईदगाह हूं सहित शहर की विभिन्न मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद की मुबारकबाद देते हैं ईद का यह त्योहार रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर इस खुशी मानते हैं। इस प्रकार ईद-उल-फितर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और प्रेम का संदेश देने वाला उत्सव है, जो सभी को मिलजुलकर रहने की प्रेरणा देता है। ईएमएस/20/03/2026