सारंगपुर (ईएमएस)। नगर से लगभग 12 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे से ग्राम छापरा जाने वाले मार्ग पर वर्षों पूर्व बनाया गया रेलवे अंडरपास इन दिनों खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। ग्राम पंचायत छापरा को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग अब स्वयं ग्रामीणों के लिए जोखिम का कारण बन गया है। अंडरपास की एक ओर की दीवार क्षतिग्रस्त होकर बाहर की ओर झुक गई है। कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है। दीवार का कुछ हिस्सा हवा में लटकता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। - रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही यह अंडरपास ग्राम छापरा को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख रास्ता है। इसी मार्ग से ग्रामीणों का प्रतिदिन आना-जाना होता है। खेतों तक पहुंचने वाले किसान, स्कूल जाने वाले बच्चे, बाइक सवार, ऑटो चालक, ट्रैक्टर चालक और पैदल यात्री इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में इस दीवार की स्थिति खराब हो गई है । दीवारों में पानी के रिसाव के कारण सीमेंट की पकड़ कमजोर पड़ गई है। लगातार नमी के चलते संरचना की मजबूती घटती जा रही है। यदि अचानक दीवार का कोई हिस्सा भरभराकर गिरा तो वहां से गुजर रहे लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। रेलवे ट्रैक पर भी पड़ सकता है असर ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि दीवार पूरी तरह ध्वस्त हो गई तो इसका प्रभाव समीप से गुजर रही रेलवे लाइन पर भी पड़ सकता है। क्योंकि दीवार की मिट्टी धसकने से रेलवे ट्रेक पर असर आ सकता है। ऐसे में संरचना कमजोर होने से रेलवे ट्रैक की स्थिरता प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि समय रहते दीवार मरम्मत नहीं की गई तो न केवल सड़क मार्ग बल्कि रेल यातायात भी खतरे में पड़ सकता है। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जनहानि और यातायात बाधित होने की आशंका बनी हुई है। जिम्मेदारी तय नहीं, कार्रवाई शून्य रेलवे अंडरपास होने के कारण इसकी देखरेख की जिम्मेदारी रेलवे विभाग की मानी जा रही है, वहीं सुरक्षा और जनहित के दृष्टिकोण से स्थानीय प्रशासन की भी जवाबदेही बनती है। ग्रामवासियों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार स्थानीय प्रशासन को मौखिक एवं लिखित सूचना दी है। बावजूद इसके अब तक न तो कोई तकनीकी निरीक्षण किया गया है और न ही मरम्मत कार्य प्रारंभ हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और रेलवे विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक कार्रवाई की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत छापरा के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त दीवार का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और रेलवे विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते पहल करनी चाहिए। रेल्वे विभाग को लिखा जा रहा हे पत्र रेल्वे अन्डरपास की क्षतिग्रस्त हो रही दीवार को लेकर रेल्वे विभाग के अधिकारियो को पत्र लिखा जा रहा है । उनसे कहा गया है कि इस दीवार को तुरन्त दुरुस्त करावे रोहित बम्होरे, एसडीएम सारंगपुर नरेन्द्र जैन/ 20 मार्च 26