राष्ट्रीय
20-Mar-2026


एयरलाइंस को खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह नई दिल्ली(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने देश की सभी एयरलाइंस को खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्रों से बचने और सुरक्षा जोखिम आकलन के बाद आकस्मिक योजनाएं तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। यह कदम यात्रियों और उड़ानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इससे पहले, डीजीसीए ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के मद्देनजर एअर इंडिया को फ्लाइट ड्यूटी मानकों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया था। ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण एअर इंडिया को लंबे वैकल्पिक उड़ान मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए ने हालात सामान्य होने तक एअर इंडिया को यह अस्थायी राहत दी है। पश्चिम एशिया में लगातार गहरा रहा युद्ध का संकट पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच टकराव बढ़ गया। अमेरिका-इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ गया है। इस युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हो गया है और इससे ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमलों ने हालात को और भी चिंताजनक बना दिया है। विनोद उपाध्याय / 20 मार्च, 2026