अंतर्राष्ट्रीय
22-Mar-2026


जन्म के बाद नवजात की मौत, 200 करोड़ जुर्माना वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका के ओहायो में एक कंपनी को करीब 200 करोड़ रूपए(2.25 करोड़ डॉलर) का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। चेल्सी वॉल्श नाम की महिला टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स अमेरिकी कंपनी में काम करती थीं। फरवरी 2021 में उन्होंने वर्क फ्रॉम होम की इजाजत मांगी थी। कंपनी ने उन्हें ऑफिस आकर काम करने या बिना सैलरी छुट्टी लेने का ऑप्शन दिया, जिससे उनकी इनकम और हेल्थ इंश्योरेंस पर असर पड़ता। मजबूरी में उन्हें 22 फरवरी से ऑफिस जाकर काम करना पड़ा। लगातार तीन दिन काम करने के बाद 24 फरवरी को उन्हें समय से पहले डिलीवरी हो गई। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने माना कि अगर महिला को घर से काम करने दिया जाता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। इसी आधार पर कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया गया। महिला की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क थी और डॉक्टर ने उन्हें घर पर आराम करने और वर्क-फ्रॉम होम करने की सलाह दी थी, लेकिन कंपनी ने उनकी यह मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने माना कि यह मामला कंपनी के फैसले से जुड़ा हुआ है। बच्ची का जन्म तय समय से करीब 18 हफ्ते पहले हुआ था। जन्म के समय वह सांस ले रही थी और उसका दिल धडक़ रहा था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने कंपनी के खिलाफ केस किया। उनका कहना था कि वर्क-फ्रॉम होम की इजाजत मिलती, तो महिला को आराम मिलता और यह हादसा टल सकता था। मामला हैमिल्टन काउंटी की अदालत में चला, जहां जूरी ने कंपनी को दोषी माना। जहां कंपनी की जिम्मेदार मानते हुए 2.25 करोड़ डॉलर देने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने इसे एक दुखद घटना बताते हुए कहा कि कंपनी को कर्मचारी की स्थिति को समझना चाहिए था। प्रेग्नेंट महिलाओं को लेकर अलग-अलग नियम दुनियाभर में प्रेग्नेंट महिलाओं के काम से जुड़े अधिकारों को लेकर अलग-अलग कानून हैं, लेकिन कुछ सामान्य नियम हर जगह लागू होते हैं। इन नियमों के तहत प्रेग्नेंसी के कारण किसी महिला के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता और जरूरत पडऩे पर वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह माना जाता है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को रीजनेबल अकॉमोडेशन यानी उचित सुविधा दी जानी चाहिए। इसमें काम के घंटे कम करना, हल्का काम देना या घर से काम करने की इजाजत शामिल हो सकती है। विनोद उपाध्याय / 22 मार्च, 2026