-यहां की कुल आबादी 30 फीसदी मराठी और हिंदी बोलते हैं लोग, चढ़ा है भारतीय रंग तेल अवीव,(ईएमएस)। इजराइल के दक्षिणी डिमोना शहर पर ईरान ने मिसाइल हमले किए इसमें दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यह शहर अपने परमाणु केंद्र के गुंबदनुमा ढांचे के लिए मशहूर है और इसे लिटिल इंडिया के नाम से जाना जाता है। इस शहर में करीब 7500 भारतीय-यहूदी रहते हैं। इनकी आबादी शहर की कुल आबादी की 30 फीसदी है। यहां लोग मराठी और हिंदी बोलते हैं। लोगों में क्रिकेट का खेल लोकप्रिय हैं। खाने-पीने के शौक भी एकदम भारतीय हैं। यहां दुकानों पर सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट, जलेबी और भेलपूरी मिलती है। जानकारी के मुताबिक 1950 और 60 के दशक में भारतीय यहूदी बड़ी संख्या में इजराइल पहुंचे थे और फिर वहीं बस गए। हालांकि उनपर चढ़ा भारतीय संस्कृति का रंग अब भी नहीं उतरा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक स्थानीय निवासी ने बताया कि मिसाइल एक सामुदायिक भवन पर गिरी और उसके प्रभाव से आसपास के पुराने मकान ढह गए। अधिकांश लोग आश्रय स्थलों में थे, इसलिए उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई, सिवाय उस लड़के के जो बाहर रह गया था। इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रहा है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को रोका क्यों नहीं जा सका। सेना के मुताबिक वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को रोकने की कोशिश की, लेकिन इंटरसेप्टर उसे मार गिराने में सफल नहीं हो सके। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने हमले के बाद सैन्य संयम बरतने की अपील की। उसने एक्स पर कहा कि आईएईए को इजराइल के डिमोना शहर में मिसाइल गिरने की जानकारी है, लेकिन नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को नुकसान होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। वहीं, ईरान ने कहा कि उसने डिमोना को नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर पहले हुए हमले के जवाब में निशाना बनाया। हालांकि, आईडीएफ ने इस बात से इनकार किया कि उसने उसी दिन पहले नतांज पर हमला किया था। सिराज/ईएमएस 23 मार्च 2026