नई दिल्ली (ईएमएस)। 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स कानून में पैन कार्ड की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार का दावा है कि नए नियम नौकरीपेशा, व्यवसायी और मध्यम वर्ग के लिए सुविधा बढ़ाएंगे, लेकिन कई तरह के लेनदेन अब बिना पैन के संभव नहीं होंगे। नई वित्तीय वर्ष से पैन कार्ड के बिना कई बड़े लेनदेन पूरे नहीं होंगे। इनमें शामिल हैं- 10 लाख रुपये से अधिक लेनदेन, 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के वाहन की खरीद, महंगे होटल बुकिंग, 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाली संपत्ति की खरीद या बिक्री। इसके अलावा एलटीसी और होम लोन पर टैक्स छूट पाने के लिए भी पैन जरूरी होगा। रकार ने बच्चों की ट्यूशन फीस पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। हॉस्टल खर्च की छूट भी बढ़कर 9,000 रुपये प्रति माह हो गई है। यह छूट केवल दो बच्चों तक ही लागू होगी। लेकिन इन छूटों का लाभ पाने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है। 1 अप्रैल के बाद एचआरए के तहत टैक्स छूट लेने के लिए मकान मालिक का नाम, पता और पैन कार्ड देना होगा। पुराने टैक्स रिजीम के तहत जमा किए जाने वाले दस्तावेज अब और सख्त होंगे। नए नियमों के अनुसार, पैन बनवाने के लिए अब आधार के साथ जन्म प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा। नया पैन कार्ड नाम के बिना जारी किया जाएगा और केवल संख्या और जरूरी जानकारी शामिल होगी। यह कदम धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए उठाया गया है। सतीश मोरे/23मार्च ---