क्षेत्रीय
23-Mar-2026
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- डॉ. संजय पाठक के मार्गदर्शन में भव्य रूप से संपन्न हुआ परिचायक वर्ग-2026 बिलासपुर (ईएमएस)। भारतीय शिक्षण मंडल, छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा आयोजित परिचायक वर्ग-2026 का समापन रविवार, 22 मार्च को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजत जयंती सभागार में उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। 24 घंटे तक चले इस आवासीय प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आचार्यों, प्राध्यापकों, शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए मंडल के उद्देश्यों, कार्यों, कार्यक्रमों, कार्यक्षेत्र एवं गतिविधियों को गहराई से समझा। द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. संजय पाठक ने भारतीय शिक्षा दर्शन और शिक्षा में भारतीयता विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा में भारतीयता का समावेश अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि भारतीयता स्वयं के साथ-साथ समस्त समाज के कल्याण की भावना है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य परमार्थ की भावना से जुड़ा होना चाहिए। अंतिम सत्र में भी डॉ. पाठक ने मंडल संचालन की बारीकियों को विस्तार से समझाते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। द्वितीय सत्र में क्षेत्र संयोजक प्रो. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने कार्य, कार्यक्रम, गतिविधियों एवं कार्यविभाग की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रभावी कार्य के लिए स्पष्ट दृष्टि, स्पष्टता और मजबूत संकल्पना का होना अनिवार्य है। उन्होंने दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की भी जानकारी दी। तृतीय सत्र में अखिल भारतीय पदाधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी ने मंडल की कार्यपद्धति, छह उत्सवों और कार्यकर्ता विकास पर प्रशिक्षण प्रदान किया। वहीं चतुर्थ सत्र में प्रतिभागियों ने चार समूहों में विभाजित होकर विभिन्न विषयों पर सारगर्भित चर्चा करते हुए प्रत्यक्ष मंडल संचालन का अभ्यास किया। समापन अवसर पर वर्गाधिकारी एवं आयोजन समिति के समन्वयक, कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित ने सभी वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीयता के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में कुलानुशासक प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. राजेंद्र मेहता, प्रो. आलोक कुमार कुशवाहा, प्रो. सुजीत मिश्रा, डॉ. आशीष कुमार पाराशर सहित लगभग 80 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। सत्रों का संचालन प्रो. गरिमा तिवारी एवं प्रो. आनंद मूर्ति मिश्रा ने प्रभावी रूप से किया। मनोज राज 23 मार्च 2026