- समाज निर्माण व संस्कृति पर दिया जोर, युवाओं में संस्कार और परिवार में संवाद जरूरी बिलासपुर (ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को देवकी नंदन दीक्षित सभागार लालबहादुर शास्त्री विद्यालय में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। दोपहर 3.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक चले इस कार्यक्रम में शहर और जिले के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कैलाश चंद्र ने भारतीय दर्शन, संस्कृति और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति धर्म की जय, अधर्म का नाश का संदेश देती है, जहां धर्म का अर्थ परहित, सेवा और समाज कल्याण से है। समरस समाज के निर्माण पर जोर उन्होंने भगवान श्रीराम और महापुरुषों के उदाहरणों के माध्यम से सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना को स्पष्ट किया। समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त कर समरसता और सद्भाव पर आधारित समाज के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। परिवार में संवाद की कमी पर चिंता वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि परिवारों में संवाद की कमी के कारण युवाओं और माता-पिता के बीच दूरी बढ़ रही है। इससे युवा गलत संगति, नशे की लत और अन्य समस्याओं की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं को सही मार्गदर्शन और जागरूकता देने की जरूरत बताई। प्रश्नोत्तर में युवाओं पर विशेष चर्चा कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि युवाओं का झुकाव आर्थिक उपार्जन की ओर अधिक होता है, इसलिए परिवार और समाज को मिलकर उन्हें संस्कारित करने की आवश्यकता है। मनोज राज 23 मार्च 2026