राज्य
23-Mar-2026
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- यूपीएससी में सिलेक्ट एमपी के 61 युवाओं का सम्मान, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले भोपाल (ईएमएस)। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में शनिवार को यूपीएससी के चयनित अभ्यर्थियों के लिए सफलता के मंत्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में उन 61 चेहरों की चमक दिखी, जिन्होंने संघर्ष और सीमित संसाधनों के बीच देश की सबसे कठिन परीक्षा क्रैक की। यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की यही खूबसूरती है कि यहां एक चाय वाला प्रधानमंत्री बनता है और एक गाय वाला मुख्यमंत्री। हमें हर 5 साल में जनता के बीच परीक्षा देनी पड़ती है, नीतियों के आधार पर उनका विश्वास जीतना पड़ता है। इस दौरान सीएम ने प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका का विमोचन किया और अभ्यर्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, अनुपम राजन और हिंदी ग्रंथ अकादमी के डायरेक्टर अशोक कड़ेल भी मौजूद रहे। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि यह सिलसिला 2020 में तब शुरू हुआ था जब डॉ. मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री थे। तब चयनित बच्चों की संख्या केवल 37 थी, जो अब बढक़र 61 हो गई है। खास बात यह है कि इनमें 20 बेटियां हैं और 22 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने किसी महंगे प्राइवेट कॉलेज के बजाय सरकारी कॉलेजों से पढ़ाई की है। 2047 में आजादी के अमृतकाल को देखेंगे सीएम ने कहा कि चाय वाला पीएम और गाय वाला सीएम बन सकता है, यह लोकतंत्र की खूबसूरती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं जो 2047 के अमृतकाल में भारत को नंबर-1 बनते देखेंगे। सीएम ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि पढऩे की कोई उम्र नहीं होती, उन्होंने खुद राजनीति में रहते हुए कई डिग्रियां हासिल कीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जब अपनी तुलना नवनियुक्त अफसरों से की, तो पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में आप सौभाग्यशाली हैं कि एक बार परीक्षा पास की और आपका चयन पक्का हो गया। लेकिन हम राजनीतिज्ञों की परीक्षा हर पांच साल में होती है। हमें जनता के बीच जाना पड़ता है, अपनी नीतियों का हिसाब देना पड़ता है और फिर से उनका भरोसा जीतना पड़ता है। यह व्यवस्था ही देश को जीवंत रखती है। उन्होंने संदेश दिया कि पद मिलने के बाद अहंकार नहीं, बल्कि सेवा का भाव होना चाहिए क्योंकि असली परीक्षा मैदान (फील्ड) में होती है। इतिहास जानने वाला ही भविष्य बना सकता है सीएम ने कहा कि अधिकतर युवा आईटी बैकग्राउंड से होने के बावजूद साहित्य और इतिहास विषय लेकर सफल हो रहे हैं, यह अच्छी बात है। जो अपने देश के इतिहास को नकारता है, वह भविष्य में आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और शहीद भगत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि आज बलिदान का नहीं, बल्कि देश के लिए जीने और वंचितों के लिए काम करने का समय है। न दिल्ली की जरूरत, न अंग्रेजी की अनिवार्यता समारोह में एसीएस अनुपम राजन ने अपने संबोधन में कहा कि अब यूपीएससी के लिए दिल्ली जाना या बड़े संस्थानों में पढऩा जरूरी नहीं है। अनूपपुर, डिंडोरी, छतरपुर और सतना जैसे छोटे जिलों के युवाओं ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा हर जगह से रास्ता बनाती है। कई चयनित अभ्यर्थी किसान परिवारों से हैं, जिन्होंने आईआईटी या स्टीफेंस जैसे टैग के बिना सफलता पाई। इस बार की एक बड़ी उपलब्धि यह भी है कि इन 61 में से 22 अभ्यर्थी जो सरकारी कॉलेजों से सीधे स्नातक हैं ऐसे हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज से की है। विनोद/ 23 मार्च /2026 बांधवगढ़ में 70 से अधिक जंगली हाथियों का डेरा वन अमला गांवों से दूर रखने में जुटा, निगरानी जारी भोपाल (ईएमएस)। बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 70 से अधिक जंगली हाथियों ने अपना ठिकाना बना लिया है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए ग्रामीण और फसलों को बचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वन्य प्राणी और मानव के बीच द्वंद रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को हाथियों की आवाजाही खितौली, पतौर, पनपथा और कल्लवाह परिक्षेत्रों में दर्ज की गई। इन हाथियों के झुंड में बच्चे भी शामिल हैं, और एक टेढ़े दांत वाला हाथी भी इनमें देखा गया है। टाइगर रिजर्व के चार परिक्षेत्रों में ये हाथी घूम रहे हैं। टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि जंगली हाथियों की निगरानी के लिए परिक्षेत्रों में टीमें लगातार जुटी रहती हैं। प्रबंधन का मुख्य प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हाथी गांवों की तरफ न आएं। यदि कोई हाथी दल गांव की ओर बढ़ता है, तो रिस्पांस टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है और हाथियों को वापस जंगल की ओर भेजने का प्रयास करती है। हाथियों की गतिविधियों पर मॉनिटरिंग दल भी लगातार नजर रखता है। विनोद/ 23 मार्च /2026