नई दिल्ली (ईएमएस)। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में दुकान चलाने वाले वंदन कश्यप की आंखों में चिंता साफ झलक रही है। वह बताते हैं कि पिछले 10 दिन से दुकान बंद है और कमाई जीरो है। घर में आर्थिक दिक्कत अब बढ़ने लगी है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि मेरे यहां काम करने वाले दो मजदूर हैं, उनका घर कैसे चलेगा? सोचा कि सिलिंडर का कहीं से जुगाड़ करूं, लेकिन बाजार में खुलेआम 3-4 गुने दाम पर सिलिंडर मिल रहे हैं। ऐसे में इतने महंगे सिलिंडर खरीदने की हिम्मत नहीं है। वंदना बताती हैं कि उधार पर इलेक्ट्रिक स्टीमर खरीदा है। बिजली की व्यवस्था करने में जुटी हूं। वहीं, मयूर विहार फेस 3 में रेहड़ी पटरी कारोबारी बाश्रम सेठ बताते हैं कि सिलिंडर नहीं मिलने से दुकान कई दिन तक बंद करनी पड़ी, उस दौरान परिवार को पेट पालना मुश्किल होने लगा। जिसके बाद उन्होंने लकड़ी के सहारे अपनी दुकान खोली है। बाश्रम सेठ कहते हैं कि सिलिंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/23/मार्च/2026