सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल की फैमिली कोर्ट के निर्देशों को दिया असंवैधानिक करार नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग बच्चे की कस्टडी को लेकर पति-पत्नी के बीच चल रही लड़ाई में पुलिस को शामिल करने के फैमिली कोर्ट के फैसले को नामंजूर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को लाना गलत है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की फैमिली कोर्ट के निर्देशों को असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि कोर्ट ने गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर को यह तय करने का निर्देश दिया था कि बच्चे को उसके पिता को सौंप दिया जाए, जो मध्य प्रदेश में रहते हैं। इस मामले में पति और पत्नी, दोनों ही डॉक्टर हैं और कई सालों से अलग रह रहे हैं। फैमिली कोर्ट ने पिता की एक अर्जी पर यह आदेश दिया था। पिता ने आरोप लगाया था कि पत्नी ने कोर्ट की पहले से इजाजत लिए बिना बच्चे को गैर-कानूनी तरीके से भोपाल से बाहर ले जाकर, 2022 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में लगाई गई शर्त का साफ तौर पर उल्लंघन किया है। यह आदेश बहुत ही बुरा, अनैतिक और गैर-संवैधानिक है। कस्टडी के मामले में पुलिस को कैसे शामिल किया जा सकता है? केस का फैसला करने का यह कोई सही तरीका नहीं है। भोपाल की फैमिली कोर्ट का गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर पर क्या अधिकार क्षेत्र है? बच्चे की कस्टडी पाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करना बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पति और पत्नी, दोनों को ही मंगलवार को बच्चे के साथ कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि कोई भी आदेश देने से पहले वह अपने चैंबर में उनसे बातचीत करेगा। भोपाल की फैमिली कोर्ट ने उसकी गार्जियनशिप रद्द कर दी और बच्चे की कस्टडी पिता को सौंप दी। कोर्ट ने पाया कि मां ने पिछली सहमति डिक्री का उल्लंघन किया था उसने पिता को बच्चे से मिलने नहीं दिया, बिना बताए कई बार अपना घर बदला और बच्चे को उसके पिता से दूर करने की कोशिश की। पिछले साल नवंबर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने बच्चे की भलाई और दिल्ली हाईकोर्ट के मीडिएशन और सुलह केंद्र की एक रिपोर्ट के नतीजों का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि बच्चे को पिता के साथ रहने में कोई परेशानी नहीं थी और मां का बर्ताव ठीक नहीं था। सिराज/ईएमएस 24मार्च26 --------------------------------