राष्ट्रीय
24-Mar-2026
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देशभर में सभी नेटवर्क की होगी जांच, 1 अप्रैल से सिर्फ हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी रैकेट के खुलासे के बाद सीसीटीवी सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में सामने आया कि संवेदनशील जगहों पर लगाए गए कैमरों का लाइव फुटेज सीमा पार पाकिस्तान भेजा जा रहा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने देशभर में सीसीटीवी नेटवर्क की जांच का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि गृह मंत्रालय ने आईबी और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के सीसीटीवी नेटवर्क का ऑडिट शुरू करने की तैयारी में है। वहीं 1 अप्रैल से सिर्फ हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच पास करेंगे। भारत में 80फीसदी कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही ऐसे हैं, जिन्हें सर्टिफाइड और सुरक्षित माना गया है। सीसीटीवी सिस्टम से निजी डेटा लीक होने के मामले भी सामने आए हैं। इजराइल की ओर से ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर वीआईपी मूवमेंट ट्रैक करने का उदाहरण सामने आ चुका है। वहीं, सोनीपत रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने निगरानी सिस्टम में घुसपैठ कर कैमरों की लाइव फीड एक्सेस की और यात्रियों की फुटेज रिकॉर्ड कर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दी। यह सीधे तौर पर निजता का उल्लंघन है। 2023 के डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने वाले फुटेज का गलत इस्तेमाल गैरकानूनी है। बता दें हाल ही में यूपी के गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बीट कॉन्स्टेबल की सूचना के बाद जासूसी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सोलर पावर से चलने वाले छोटे कैमरे संवेदनशील इलाकों के आसपास लगाए गए थे। ये कैमरे इंटरनेट के जरिए विदेशी सर्वर से जुड़े थे। उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल थे। कई कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जांच में सामने आया कि देशभर में सीसीटीवी अलग-अलग एजेंसियों के लगाए गए हैं, लेकिन कोई एकीकृत डेटाबेस या स्पष्ट नियंत्रण प्रणाली नहीं है। यही वजह है कि कई जगह निगरानी तंत्र में खामियां बनी हुई हैं, जो अब सुरक्षा जोखिम बन चुकी हैं। ऑडिट रिपोर्ट के बाद सरकार यूनीक रजिस्ट्रेशन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा मानकों के साथ एकीकृत नेटवर्क सिस्टम लागू कर सकती है। सिराज/ईएमएस 24मार्च26