नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी में अचानक बदलाव ने कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर बहस छेड़ दी है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 से अपना पद छोड़ दिया। उन्होंने इस्तीफे में बैंक के भीतर कुछ प्रथाओं और गतिविधियों का हवाला दिया, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई अन्य महत्वपूर्ण वजह नहीं है। बैंक ने उनके इस्तीफे में उठाए गए मुद्दों की जांच के लिए बाहरी लॉ फर्म्स नियुक्त की हैं। बैंक प्रवक्ता के अनुसार यह कदम पूरी तरह प्रोएक्टिव है और इसका उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यपरक समीक्षा करना है। बैंक दशकों से अपनाए गए उच्चतम गवर्नेंस मानकों के अनुरूप खुद को परखता रहा है और यह पहल उसी दिशा में उठाया गया कदम है। सतीश मोरे/24मार्च ---