- अब (सीबीआई) कार्रवाई पर निगाह रायपुर(ईएमएस)। रविवि डाकघर बचत बैंक घोटाले की जांच रिपोर्ट प्रवर डाक अधीक्षक (एसएसपी) ने मुख्य पोस्टमास्टर जनरल (सीपीएमजी) को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर इसे सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच में लगभग 2 दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के बयान लिए गए, जिनमें वे अधिकारी भी शामिल हैं जिन पर गड़बड़ी रोकने और जांच करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने इसमें चूक की। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ से बाहर डेपुटेशन पर हैं, जबकि अन्य राजधानी के आसपास के जिलों में कार्यरत हैं। रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि कुछ अधिकारियों को बचाने के प्रयास भी किए गए। इसमें एक नवगठित डाक संभाग के अधिकारी ने परिमंडल कार्यालय लौटने के लिए तबादले का आवेदन दिया है। जांच में अनुमानित घोटाले की राशि 20 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। यह रकम कथित लापरवाही और गड़बड़ी के कारण खातों में हेरफेर के रूप में सामने आई। घोटाले से प्रभावित पीड़ित अनिल पांडे को 1.91 करोड़ रुपए का भुगतान आदेश दिया गया है। अन्य प्रभावितों ने भी उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की है, जबकि विभाग ने राज्य फोरम के फैसले को चुनौती दी है। अब सबकी निगाहें सीपीएमजी अजय सिंह चौहान की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किन अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे। जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि कई अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी ने इस घोटाले को संभव बनाया। रिपोर्ट में दोषियों की पहचान, गड़बड़ी का विस्तृत ब्यौरा और संबंधित अधिकारियों की भूमिका का दस्तावेजी प्रमाण शामिल है। इसके बाद आगे की कार्रवाई में सीबीआई और राज्य प्रशासन मिलकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। सत्यप्रकाश(ईएमएस)24 मार्च 2026