राज्य
24-Mar-2026


- 30,984 श्रमिक परिवारों के लिए 660 करोड़ की जरूरत भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों को अब तक सहायता राशि नहीं मिल पाई है। योजना के तहत 30,984 हितग्राही परिवारों को अनुग्रह सहायता का लाभ दिया जाना था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति में कमी के कारण भुगतान लंबित बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, इन सभी हितग्राहियों को लाभ देने के लिए करीब 680 करोड़ 28 लाख रुपये की आवश्यकता है। श्रम विभाग ने इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर पूर्ण राशि की मांग की थी, लेकिन वित्त विभाग ने फिलहाल केवल 175 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति दी है। इससे हजारों परिवारों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी त्रैमासिक व्यय सीमा तय होने के कारण कई मामलों में भुगतान नहीं हो सका था। इसका असर इस साल भी देखने को मिल रहा है, जहां बड़ी संख्या में स्वीकृत प्रकरण लंबित पड़े हैं। करीब 40 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च करने की मंजूरी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित बजट में से चौथे त्रैमास में अनुसूचित जनजाति मद से करीब 40 करोड़ 25 लाख रुपए खर्च करने की मंजूरी दी गई है। हालांकि, इसके साथ ही वित्त विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि केवल पात्र हितग्राहियों को ही योजना का लाभ दिया जाए। इसके लिए श्रम विभाग को लंबित प्रकरणों का पुन: सत्यापन करने को कहा गया है। जांच के दौरान अपात्र पाए गए लोगों को सूची से बाहर किया जाएगा, जबकि पात्र हितग्राहियों को ही भुगतान किया जाएगा। इसके बाद स्वीकृत राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। भुगतान नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा बताया जा रहा है कि योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में ऐसे प्रकरण हैं, जिनमें स्वीकृति और डिजिटल साइन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया है। इन लंबित मामलों को निपटाने के लिए राज्य स्तर पर नोडल खाते के जरिए राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की देरी से योजना की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के लिए यह सहायता राशि बेहद महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विनोद / 24 मार्च 26