राज्य
24-Mar-2026


महिला आरक्षण प्रावधान का उल्लंघन होने पर अंतरिम आदेश जबलपुर, (ईएमएस)। मप्र उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की युगल पीठ ने रीवा जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव पर रोक लगा दी| ये चुनाव आज 25 मार्च को होने जा रहे थे| हाईकोर्ट ने जिला अधिवक्ता संघ रीवा और जिला सत्र न्यायाधीश रीवा को नोटिस जारी कर यह अंतरिम आदेश दिया है| यह याचिका चुनाव में महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण का पालन न होने से सम्बंधित है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। रीवा की अधिवक्ता जतिंदर कौर की ओर से दायर की गई, इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि 7 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के तहत चुनाव की प्रक्रिया ऐसे तरीके से शुरू की गई, जो मॉडल बायलॉज और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि चुनाव समिति का गठन ऐन वक्त पर किया गया, जबकि इसके लिए निर्धारित समयसीमा का पालन अनिवार्य था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि अब तक प्रारंभिक मतदाता सूची तक प्रकाशित नहीं की गई, जिससे अधिवक्ताओं को अपने नामों की पुष्टि और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा सदस्यता शुल्क और वैध मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी नियमों के अनुरूप नहीं अपनाई गई। महिला आरक्षण का मुद्दा भी उठाया ........... मामले में एक और बड़ा मुद्दा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण का है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस अनिवार्य प्रावधान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जो न केवल कानून का उल्लंघन है। इस याचिका पर मंगलवार की सुबह हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने जिला बार चुनाव के लिए बनाये गए मुख्य चुनाव अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर होने कहा था। दोपहर ढाई बजे मामले पर हुई सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी सूर्यनाथ पांडे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई से जुड़े। बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद चुनाव पर रोक लगाने के अंतरिम आदेश पारित किए और मामलें की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को नियत कर दी। सुनील साहू / मोनिका / 24 मार्च 2026/ 05.55