क्षेत्रीय
24-Mar-2026
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श्योपुर ( ईएमएस ) | महिला एवं बाल विकास संचालनालय द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जिले की समस्त आंगनबाडी केन्द्रों पर ग्रेजुएशन सेरेमनी एवं विद्यारंभ प्रमाण पत्रों के वितरण कार्यक्रम आयोजित किये गये। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी के मुख्य आतिथ्य में कराहल परियोजना अंतर्गत ग्राम ढेगदा के आंगनबाडी केन्द्र पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सहायक संचालक श्री रिशु सुमन, प्राथमिक शिक्षक श्री राधेश्याम सिंह, सुपरवाइजर श्रीमती प्रेमलता मेहरा एवं लर्निंग टीम से श्री खुशाग्र शर्मा और श्री योगेंद्र यादव आदि उपस्थित रहें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी ने विद्यारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाडियों के दर्ज ऐसे बच्चे जिनकी आयु 5 से 6 वर्ष के बीच हो गई है, उनके लिए आंगनबाडी केन्द्रों में ग्रेजुएशन सेरेमनी अर्थात दीक्षांत समारोह आयोजित कर प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश कराया जा रहा है, जिससे वे प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि आंगनबाडियों के प्रारंभिक अनोपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद बच्चों के औपचारिक रूप से शिक्षा ग्रहण करने की शुरूआत हो रही है। इस अवसर पर उन्होंने प्रायमरी स्कूल में प्रवेश लेने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया। सहायक संचालक श्री रिशु सुमन ने प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 3 से 6 वर्ष की आयु बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला होती है। इस अवस्था में दी गई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को सुदृढ़ बनाती है और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए सशक्त रूप से तैयार करती है। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए सभी कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों को इस दिशा में निरंतर सहयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उन्हें प्राथमिक शिक्षा के अगले चरण के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसी क्रम में आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम पारोंद स्थित आंगनबाडी केन्द्र पर जनपद सदस्य श्री शरबती आदिवासी की अध्यक्षता में विद्यारंभ कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें परियोजना अधिकारी श्रीमती सुषमा सोनी, पर्यवेक्षक श्रीमती दुर्गेश प्रजापति, शिक्षक श्री सुरेन्द्र धाकड, आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका एवं बच्चों के अभिभावक आदि उपस्थित रहें।