- 2456 केन्द्रों पर 22,010 बच्चों को वितरित किए गए प्रमाणपत्र राजगढ़(ईएमएस)l जिले में शाला-पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल अंतर्गत मंगलवार को जिले के सभी 2456 आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक साथ ‘विद्यारंभ’ उत्सव का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी केन्द्रों से प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कर विद्यालय में प्रवेश लेने जा रहे 22,010 बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। राजगढ़ परियोजना अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम बाबू खरे ने बच्चों को प्रमाणपत्र वितरित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला हैं, जहाँ पोषण एवं शिक्षा का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाता है। “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र केवल देखभाल का स्थान नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा के सुदृढ़ केन्द्र हैं, जहाँ बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भारत सरकार के निर्देशानुसार अब शाला-पूर्व शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी प्रारंभिक शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिलती है। ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ बच्चों की शैक्षणिक यात्रा का प्रथम महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में सहज, आनंददायक एवं आत्मविश्वासपूर्ण प्रवेश सुनिश्चित करता है। सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री खरे ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रयासों से प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में बच्चे शाला-पूर्व शिक्षा प्राप्त कर विद्यालयीन शिक्षा के लिए तैयार हो रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अभिभावकों ने अपने बच्चों के विकास एवं उनके सपनों को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी के नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। यह पहल जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। -निखिल/राजगढ़/24/3/2026