राज्य
24-Mar-2026


चतरा(ईएमएस)। सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है।लेकिन कुंदा प्रखंड के 78 गांव में से 30 गांव ऐसे हैं,जहां मोबाइल का नेटवर्क नहीं है। फाइव जी मोबाइल नेटवर्क के जमाने में गांव के लोग अपने रिश्तेदारों से मोबाइल फोन पर बात करने के लिए पेड़ और ऊंचे स्थान पर जाने को आज भी मजबूर हैं।देश दुनिया की खबर मोबाइल पर देखने के लिए उन्हें परेशानी होती है।नेटवर्क नहीं रहने से डिजिटल इंडिया का लाभ यहां के लोग नहीं उठा पा रहे हैं।ग्रामीणों ने कई बार सांसद-विधायक व उपायुक्त से गांव में टावर लगाने की मांग की लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।नेटवर्क नहीं रहने से शिक्षकों को बायोमेट्रिक सिस्टम से विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी होती है।इसके अलावा पंचायत स्तर पर बैंक सीएसपी,प्रज्ञा केंद्र संचालन,डीलरों को ई-पौश मशीन से राशन वितरण करने में काफी परेशानी होती है।जब कोई रिस्तेदार का फोन आना रहता है तो उससे पहले ग्रामीण पेड़ पर फोन लटका कर छोड़ देते है और फोन आने के इन्तेजार में घँटों खड़ा रहते है।प्रखंड के कुटिल,मरगड़ा,एकता, खुशियाला,लोटवा, कामत,फुलवरिया, लकड़मंदा,दारी,गारो,बलही,कामत,करिलगड़वा,हारूल, चितवतारी,सिंदरी, नवादा,उलवार,दारी,मेदवाडीह,गेन्द्रा,लुकुईया, बंठा, खुशियाला,सोहरलाठ,साबानु,रेगनिया तरी,बैलगाडा,ललिमाटी,एकता,सरजामातु,लेवाड़,नावाडीह,कुशुम्भा समेत अन्य कई गांव में नेटवर्क की सुविधा नहीं है।कुंदा के कई गांव में बीएसएनएल कम्पनी का टॉवर लगी है लेकिन उसे अब तक चालू नहीं किया गया।गांव में लगी टॉवर शोभा की वस्तु बनाकर रह गया है कई गांव में बीएसएनएल टॉवर लगाया गया लेकिन अब तक चालू नहि किया गया है।कुटिल गांव के पज्ञा केंद्र व सीएसपी संचालक राजकुमार ने बताया कि गांव में नेटवर्क की सुविधा नहीं रहने से हर रोज लैपटॉप व मोबाइल लेकर पेड़ व पहाड़ पर घण्टो रहकर कार्य करते है।दारी गांव के अजय यादव ने बताया कि गांव में आज तक नेटवर्क की सुविधा नहीं मिली है,नेटवर्क नहीं रहने से रिस्तेदारों से मोबाइल फोन पर बात चीत करने में काफी परेशानी होती है।पेड़ पर चढ़ कर बात करते है। कर्मवीर सिंह/24मार्च/26