व्यापार
24-Mar-2026


सेंसेक्स 1372 अंक चढ़ा, निफ्टी 23400 के पार नई दिल्ली(ईएमएस)। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1372.06 अंक या 1.89 प्रतिशत बढक़र 74,068.45 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 445.15 अंक या 1.98 प्रतिशत चढक़र 23,408.80 पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले मंगलवार को रुपया 35 पैसे गिरकर 93.88 (अस्थायी) पर आ गया, क्योंकि प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को भयभीत कर दिया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट को लेकर अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निधि की निकासी से स्थानीय मुद्रा पर और दबाव पड़ा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.66 पर खुली और पूरे सत्र में अस्थिर बनी रही। अंतत: यह 93.88 (अस्थायी) पर बंद हुई, जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे कम है। सोमवार को रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर को पार कर गया, लेकिन अंत में 93.53 पर स्थिर बंद हुआ। विनोद उपाध्याय / 24 मार्च, 2026विनोद उपाध्याय / 24 मार्च, 2026विनोद उपाध्याय / 24 मार्च, 2026 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम, रेलवे ने यात्रियों को दिया झटका 8 घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल किया तो नहीं मिलेगा रिफंड भोपाल। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को अपनी टिकट कैंसिलेशन पॉलिसी में बदलाव किया है। देश की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्टर रेलवे ने स्पष्ट किया कि अगर यात्री ट्रेन टिकट अपने निर्धारित यात्रा समय से 8 घंटे से कम समय पहले रद्द करते हैं तो उन्हें कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा। कैंसिलेशन के लिए पेनल्टी अवधि की जानकारी देते हुए बताया गया कि अगर टिकट को यात्रा से 72 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो अधिकतम रिफंड मिलेगा। अगर टिकट 72 से 24 घंटे के बीच रद्द किया जाता है तो किराए का 25 प्रतिशत काटा जाएगा। जबकि 24 से 8 घंटे के बीच रद्द करने पर 50 प्रतिशत पैसा काट लिया जाएगा। टिकटिंग सेवाओं में सुधारों पर बात करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एजेंटों और दलालों द्वारा टिकटों की जमाखोरी को रोकने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच अब काउंटर टिकट पर प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक ट्रैवल क्लास अपग्रेड करने की अनुमति दी गई है। नए नियम से पहले यात्री केवल चार्ट तैयार होने तक ही अपग्रेड कर सकते थे। रेलवे के अनुसार, इस बदलाव से यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे। रेल मंत्री ने बताया क्यों जरूरी था यह फैसला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकट दलालों के पैटर्न को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। दलाल अक्सर एक्स्ट्रा टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की कॉर्नरिंग (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन रेल मंत्रालय ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने से पहले तक ही मिलती थी। यह नियम उन बड़े शहरों में बहुत मददगार साबित होगा जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे। यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे। 4 घंटे पहले तक मिलता था आधा रिफंड पुराने नियमों की तुलना में नए नियम यात्रियों के लिए थोड़े सख्त हुए हैं। अब रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं। पहले, ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक फ्लैट चार्ज कटता था। 48 से 12 घंटे के बीच 25 प्रतिशत और 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50 प्रतिशत रिफंड मिल जाता था। अब 50 प्रतिशत रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी होगा। वेटिंग और आरएसी टिकटों के लिए फिलहाल पुराने चार्ज (20 + जीएसटी) ही प्रभावी रहेंगे। विनोद उपाध्याय / 24 मार्च, 2026