अंपायर पैनल के प्रमुख श्रीनाथ और मेनन कप्तानों से बात करेंगे मुम्बई (ईएमएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) प्रबंधन की आज बुधवार को यहां होने वाली कप्तानों की बैठक में कई मामलों पर चर्चा होगी जिसमें इनिंग्स टाइमर और बॉल रिप्लेसमेंट भी है। ऐसे में इन नये नियमों के लागू होने के बाद ये सत्र पहले से अलग रहेगा। इस बार के एडिशन में बीसीसीआई ने पहले ही खिलाड़ियों के लिए कई नये नियम लागू करने का फैसला लिया है। प्रबंधन की बैठक में दो बाउंसर नियम, बैट इंस्पेक्शन, बॉल रिप्लेसमेंट, सलाइवा के इस्तेमाल और रिटायर्ड-आउट प्रावधान पर भी सफाई दी जाएगी। एक रिपोर्ट के अनुसार गत दिवस बीसीसीआई ने टीमों को सूचना दी थी कि बीसीसीआई के मैच रेफरी और अंपायर पैनल के प्रमुख जवागल श्रीनाथ और नितिन मेनन कप्तानों से बात करेंगे। इसस बैठक में कई अहम मामलों पर बात होगी जिसमें से एक ये भी है कि अगर गेंद खो जाती है, वापस नहीं मिलती या सामान्य घिसावट के कारण खेलने के लिए सही नहीं पायी जाती है। तो अंपायर इसी स्तर की घिसावट वाली दूसरी गेंद से उसे बदल सबते हैं। इस दौरान बल्लेबाज और फील्डिंग कप्तान को इस बदलाव की जानकारी दी जाएगी. वहीं शाम के मैचों में दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को 10वें ओवर के बाद एक बार गेंद बदलने का अनुरोध करने की अनुमति रहेगी। कप्तान की तरफ से ये अनुरोध ओवर के अंत में किया जा सकता है. यह नियम दूसरी पारी में एक बार ही लागू होता है, चाहे ओस की स्थिति कुछ भी हो. अंपायर उसी स्तर की घिसावट वाली गेंद से बदलाव करेंगे और अपनी मर्जी से मैच के किसी भी समय गेंद बदल सकते हैं। वहीं अगर अंपायर 10वें ओवर से पहले गेंद गीली, आकार में खराब होने, गुम जाने या क्षतिग्रस्त होने के कारण बदलते हैं तो फील्डिंग कप्तान को 10वें ओवर के बाद भी गेंद बदलने का अधिकार रहेगा। अगर कप्तान 11वें ओवर के बाद गेंद गीली होने के कारण बदलाव का अनुरोध करता है. अंपायर सहमत होते हैं, तो पांच या छह ओवर बाद कप्तान फिर से गेंद बदलने का अनुरोध कर सकता है। ईएमएस 25 मार्च 2026