राष्ट्रीय
25-Mar-2026
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-वोट डालने यूएई, सऊदी अरब, कुवैत समेत कई देशों से भारत आते हैं केरलवासी नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान युद्ध का असर भारत में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है। खाड़ी देशों में भारतीयों के फंसे होने के कारण वोटर संख्या प्रभावित हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर केरल पर पड़ेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में केरल के 20 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ऑब्जर्वर्स का कहना है कि इसका असर मतदाताओं की संख्या पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि संख्या निर्णायक नहीं होगी, लेकिन कुछ इलाकों में इनका असर दिखेगा। वोट डालने के लिए यूएई, सऊदी अरब, कुवैत समेत कई देशों से केरलवासी भारत आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मतदाताओं की संख्या का असर खासतौर से उत्तर केरल में नजर आएगा। इसके चलते मलप्पुरम, कोझिकोड और कासरगोड जिलों में असर देखा जा सकता है। साथ ही पलक्कड़ और थ्रिसूर कुछ प्रभावित हो सकते हैं। माना जा रहा है कि आईयूएमएल यानी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को इस वोटर का सबसे ज्यादा फायदा होता है। आईयूएमएल कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का हिस्सा है। पार्टी के महासचिव पीएमए सलाम का कहना हैं कि कई लोग वोटिंग के लिए वापस नहीं आ पाएंगे। हमारे केएमसीसी सदस्य खाड़ी देशों में अधिकारियों से बात कर रहे हैं, लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए तो मतदाताओं की संख्या कम रहेगी। सीपीआई से राज्यसभा सांसद संदोश कुमार पी कहते हैं कि उत्तर केरल में कुछ ही क्षेत्र हैं, जहां खाड़ी में रहने वाले मतदाताओं का संख्या ज्यादा है। आमतौर पर ये सीटें जीत के बड़े अंतर वाली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यूएई केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर के अध्यक्ष पुथूर रहमान बताते हैं कि हम यूएई से आमतौर पर 8 चार्टर्ड फ्लाइट्स की तैयारी करते हैं। इस साल हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुपरमार्केट और अन्य जगहों पर काम करने वाले कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वह वोटिंग के लिए नहीं जा सकेंगे। 28 फरवरी और अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था। इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि देशों पर नहीं, बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी बेस पर हमले किए थे। इसके चलते यूएई से आने वाली उड़ानें खासी प्रभावित हुईं थीं। सिराज/ईएमएस 25मार्च26