-मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सीआईडी से संपर्क किया था, नहीं की एफआईआर दर्ज बेंगलुरु,(ईएमएस)। महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया है। उन्होंने एफआईआर में पांच मुख्य आरोप लगाए हैं। रोहित ने कहा कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र सीआईडी से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में जीरो पर एफआईआर दर्ज कराई। जहां अपराध हुआ है उसे छोड़कर देश के किसी भी थाने में उस अपराध की एफआईआर दर्ज कराई जाती है तब उसे जीरो एफआईआर कहते हैं। इसे फिर संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्नाटक पुलिस ने मामला दर्ज कर इसे महाराष्ट्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। दरअसल, 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। आधिकारिक लॉग में विमान का रन टाइम 4,915 उड़ान घंटे दर्ज हैं, जबकि दावा है कि विमान ने 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है। कम विजिबिलिटी के बावजूद विजुअल फ्लाइट रूल्स के तहत विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई। आखिरी समय पर क्रू बदला गया और पायलट सुमित कपूर को शामिल किया गया। हादसे से कुछ समय पहले वीएसआर वेंचर्स ने पायलट सुमित कपूर के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। पायलट सुमित कपूर पहले शराब से जुड़े मामलों में निलंबित रह चुके हैं। रोहित पवार ने वीएसआर एविएशन कंपनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में नया विमान खरीदने का टेंडर रद्द हो गया था। अगर नया विमान खरीदा गया होता तो यह हादसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि कहा कि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। सिराज/ईएमएस 25मार्च26