अंतर्राष्ट्रीय
25-Mar-2026


कराची,(ईएमएस)। पाकिस्तान और ईरान के बीच कश्मीर को लेकर हाल ही में विवाद पैदा हो गया है। ईरान ने अपने भारत स्थित दूतावास से पोस्ट साझा की, जिसमें ईरान ने कश्मीर के लोगों और भारत को धन्यवाद दिया। पोस्ट में लिखा गया था, “हम कश्मीर के दयालु लोगों का धन्यवाद करते हैं… यह एहसान कभी नहीं भूलने वाले है। धन्यवाद, भारत। लेकिन ईरान के दूतावास के इस बयान ने पाकिस्तान में भारी विवाद खड़ा कर दिया, क्योंकि पाकिस्तानी यूजर्स इस बयान को कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने वाला संकेत बता रहे थे। पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर पोस्ट की जमकर आलोचना हुई। कुछ यूजर्स ने ईरान को याद दिलाया कि पाकिस्तान का नजरिया अलग है और कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानता। पाकिस्तान डिफेंस नाम के अकाउंट ने भी लिखा कि ईरानी दूतावास को यह याद रखना चाहिए कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। अन्य यूजर्स ने ईरान पर “भारत के सामने झुकने” और पाकिस्तान के प्रति अनादर का आरोप लगाया। इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिससे पाकिस्तान में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया और बढ़ गई। इस विवाद के बीच, ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट को डिलीट कर बाद में एक संशोधित बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कश्मीर शब्द का इस्तेमाल बहुत सावधानी से किया। पाकिस्तान, जो ईरान को पारंपरिक दोस्त मानता है, कश्मीर को लेकर किसी भी बयान को बहुत संवेदनशीलता से देखता है। इस विवाद ने दिखाया कि ईरान दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी यूजर्स इसे ईरान का “भारत के प्रति झुकाव” मान रहे हैं और कईयों ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान हमेशा ईरान का समर्थन करता है तो कश्मीर पर भारत का पक्ष क्यों लिया जा रहा है। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि क्षेत्रीय राजनीति में संवेदनशील मुद्दों पर एक छोटी सी सोशल मीडिया पोस्ट भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। आशीष दुबे / 25 मार्च 2026