वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में ईरान जंग रोकने के लिए लाया गया प्रस्ताव गिर गया। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में 47 जबकि विपक्ष में 53 वोट पड़े। यह तीसरी बार था जब डेमोक्रेट्स ने ऐसा प्रस्ताव रखा था। डेमोक्रेट्स ने कहा कि अमेरिका में युद्ध शुरू करने का अधिकार कांग्रेस के पास होता है, इसकारण ट्रंप बिना पूरी मंजूरी के यह कदम नहीं उठा सकते। इसकारण वे लगातार इसतरह के प्रस्ताव ला रहे हैं, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। डेमोक्रेट्स ने आरोप लगाया है कि ट्रम्प सरकार इस युद्ध को ठीक से समझा नहीं पा रही है। सांसद क्रिस मर्फी ने कहा कि ट्रंप सरकार अब तक यह नहीं बता सकी है कि युद्ध क्यों जरूरी है। डेमोक्रेट्स ने साफ किया है कि वे इस मुद्दे को यहीं नहीं छोड़ने वाले हैं, और हर हफ्ते इस पर वोटिंग होगी, जब तक सरकार आकर अपनी बात साफ नहीं करती। अमेरिका के डिफेंस एक्सपर्ट और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार रॉबर्ट पेप ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के चारों ओर जाल कंसता जा रहा है। ट्रम्प ईरान के साथ बढ़ते तनाव में इसतरह हालात में फंस सकते हैं, जहां युद्ध धीरे-धीरे और बड़ा होता चला जाता है। पेप ने कहा कि शुरुआत में छोटे-छोटे हमले किए जाते हैं, लेकिन जब उनसे बड़ा टागरेट हासिल नहीं होता, तब हमले और बढ़ा दिए जाते हैं। इसी को एस्केलेशन ट्रैप कहा जाता है, यानी ऐसा जाल जिसमें फंसकर युद्ध लगातार बढ़ता जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध बढ़ा, होर्मुज स्ट्रेट पर असर पड़ सकता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। इससे तेल महंगा हो सकता है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। पेप के मुताबिक, इस स्थिति में ईरान मजबूत हो सकता है और तेल पर ज्यादा कंट्रोल हासिल कर सकता है। हालात संभालने के लिए इजराइल की सैन्य कार्रवाई को कंट्रोल करना जरूरी है और यह फैसला ट्रम्प ही ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के मरीन सैनिक ईरान पहुंच जाते हैं, तब हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। आशीष दुबे / 25 मार्च 2026