अंतर्राष्ट्रीय
25-Mar-2026


अमेरिका का सीजफायर प्लान ईरान ने किया खारिज! -कुवैत के एयरपोर्ट पर ईरान का ड्रोन अटैक, फ्यूल टैंक में आग लगी, इराकी लड़ाकों का अमेरिका के 23 ठिकानों पर हमला तेल अवीव/तेहरान/वाशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के कई हफ्ते गुजर चुके हैं। इस अटैक में ना केवल ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेता मारे गए, बल्कि ईरान के सैन्य संसाधनों को भी तगड़ी क्षति पहुंची। अमेरिका और इजराइल को भी खासा नुकसान हुआ है। और तो और, इस जंग की वजह से वैश्विक तेल-गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत समेत दुनिया के बहुत सारे देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। यानी, जो देश इस जंग में हिस्सेदार भी नहीं हैं, उनपर भी इसका बुरा असर पडऩा शुरू हो गया है। लेकिन फिलहाल जंग थमती नजर रही आ रही है। पाकिस्तान ने अमेरिका का जो सीजफायर प्लान ईरान को सौंपा था, उसे उसने खारिज कर दिया है। वहीं ईरान और इजराइल के बीच लगातार हमले हो रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सीजफायर करने के लिए 15 शर्तें रख दी थीं। अब अमेरिका को जवाब देते हुए ईरान ने भी अपनी मांगों की लंबी लिस्ट जारी कर दी है। ईरान ने अमेरिका के सामने 7 शर्तें रख दी हैं। इनमें खाड़ी देशों से अमेरिकी बेस हटाने से लेकर वित्तीय मुआवजा तक शामिल हैं। हाल ही में ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने अमेरिका पर हमला बोला था। उन्होंने मजाक उड़ाते हुए कहा, अमेरिका खुद के साथ ही बातचीत कर रहा है। क्या आपके आंतरिक संघर्ष का स्तर उस चरण तक पहुंच गया है जहां आप खुद से बातचीत कर रहे हैं? हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी नहीं रह सकते। इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने देश के नेतृत्व पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। ऐसे में सीजफायर के लिए आईआरजीसी ही शर्तें रख रहा है। अमेरिका की शर्तें मान्य नहीं पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव इस्लामाबाद के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपा गया. इसमें कई अहम बिंदु शामिल हैं. इनमें प्रतिबंधों में राहत, नागरिक परमाणु सहयोग, ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कमी, मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की अनुमति जैसे मुद्दे शामिल हैं. पाकिस्तान की तरफ से ये प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका पहले ही क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा चुका है. वॉशिंगटन ने मरीन सैनिकों की सहायता के लिए पैराट्रूपर्स को मिडिल ईस्ट में भेजना शुरू कर दिया है. इससे साफ है कि कूटनीति के साथ-साथ सैन्य तैयारी भी समानांतर चल रही है. ऐसे में ईरान ने अमेरिका की शर्तों को नकार दिया है। ईरान ने की सात शर्तें सीजफायर के लिए ईरान की तरफ से जंग में हुए नुकसान के लिए वित्तीय मुआवजा मांगा गया है। ईरान ने अमेरिका से मांग की है कि खाड़ी देशों में उनके सैन्य अड्ढे नहीं होंगे। इसके साथ ही हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायल के हमले को रोकना भी शर्तों की लिस्ट में शामिल है। ईरान ने डिमांड की है कि एक ऐसा प्लान तैयार किया जाए जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल किया जा सके। ईरान चाहता है कि इस समुद्री मार्ग का नियंत्रण प्रभावी रूप से उसके पास रहे। अमेरिका से ईरान ने इस बात की भी गारंटी मांगी है कि भविष्य में हमले दोबारा शुरू नहीं होंगे। ईरान ने किसी भी समझौते के लिए सभी प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग की है। ईरान भी रियायत बरत सकता है कहा जा रहा है कि ईरान भी अमेरिका की तरफ से की गई मांगों पर थोड़ा लचीलापन दिखा सकता है। अमेरिका ने ईरान के सामने 15 शर्तें रखी थीं। जिसमें से ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पांच साल के लिए रोक सकता है और यूरेनियम संवर्धन के स्तर को कम कर सकता है। ईरान 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर चर्चा कर सकता है। इसके साथ ही वो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को सेंट्रीफ्यूज के निरीक्षण की अनुमति दे सकता है। इसके अलावा, ईरान हिजबुल्लाह, हमास और इराकी मिलिशिया जैसे क्षेत्रीय समूहों को फंडिंग बंद करने पर भी सहमत हो सकता है। लगातार हो रहे हैं हमले अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग 26वें दिन भी जारी रही। ईरान ने मंगलवार रात कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट ड्रोन अटैक किया, जिससे वहां मौजूद फ्यूल टैंक में आग लग गई। कुवैत की सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अगर कहीं धमाके की आवाज सुनाई दे रही है, तो वह दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की वजह से है। सेना ने लोगों से अपील की है कि वे सरकार के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इससे पहले कुवैत के नेशनल गार्ड ने बताया कि उसने अपने इलाके में 5 ड्रोन मार गिराए हैं। वहीं, इराक के एक उग्रवादी समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने कहा है कि उसने पिछले 24 घंटे में अमेरिका से जुड़े 23 ठिकानों पर हमले किए हैं। ग्रुप के मुताबिक, इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन हमलों से कितना नुकसान हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरान ने पाकिस्तानी जहाज को होर्मुज पार करने से रोका ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने पाकिस्तान के सेलेन नाम के एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया, क्योंकि उसके पास इसकी इजाजत नहीं थी। आईआरजीसी के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने बताया कि जहाज ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उसे वापस भेज दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरान के अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। इजराइल की एयरस्ट्राइक, 9 की मौत लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इजराइल के हमलों में 9 लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिदोन इलाके के पास कई जगहों पर हमले हुए। अदलौन इलाके में एक हमले में 4 लोगों की जान चली गई। वहीं, मियेह मियेह शरणार्थी कैंप में एक इमारत पर हमला हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई और 4 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, हब्बूश इलाके में हुए एक और हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 18 लोग हो गए। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 30 रॉकेट दागे लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने आज इजराइल पर करीब 30 रॉकेट दागे गए। हमलों के बाद उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजने लगे। फिलहाल यह साफ नहीं है कि इन हमलों से कितना नुकसान हुआ। विनोद उपाध्याय / 25 मार्च, 2026