उच्च शिक्षा संस्थानों में भी प्लेसमेंट नहीं नई दिल्ली (ईएमएस) । भारत में युवाओं के पास स्नातक, परास्नातक, और प्रोफेशनल कोर्स की डिग्रियों की बाढ़ आई हुई है। डिग्रियां होते हुए भी युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। अब तो हद हो गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों में जहां 100 फ़ीसदी प्लेसमेंट के जरिए 6 माह के अंदर नौकरी मिल जाती थी। अब वहां पर भी कोर्स पूरा करने और स्किल्ड होने के बाद भी प्लेसमेंट नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण युवाओं में प्रोफेशनल कोर्स और डिग्री कोर्स को लेकर अरुचि बढ़ती चली जा रही है। टीम लीज संस्था द्वारा विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्रों के प्लेसमेंट के संबंध में जानकारी एकत्रित की है। उस जानकारी के अनुसार देश में इस समय केवल 9.4 फ़ीसदी संस्थान ही प्लेसमेंट की पेशकश कर रहे हैं। 70 फ़ीसदी संस्थान डिग्री कोर्स पूरा करने के बाद प्लेसमेंट कराने में अब कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। 17.4 फ़ीसदी संस्थानों में 6 महीने के अंदर उच्च शिक्षा संस्थानों में ही केवल 75 फ़ीसदी छात्रों को प्लेसमेंट मिला है। अन्य शिक्षण संस्थानों में कहीं पर 31.6, 22.7 और कहीं पर 29 फ़ीसदी डिग्री धारी को ही नौकरी मिली है। डिग्री धारियों को नौकरी नहीं मिलने के कारण अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभाव एडमिशन पर पड़ा है। शिक्षण संस्थानों में सीटें खाली पड़ी रहती हैं। स्नातक और परास्नातक और प्रोफेशनल कोर्स में जितनी सीटें स्वीकृत है। उसकी 50 फ़ीसदी सीट भी नहीं भरी जा रही है। भारत में करोड़ों स्नातक इस समय बेरोजगार हैं जिसके कारण युवाओं में अब गुस्सा देखने को मिल रहा है। ईएमएस/25 मार्च2026