राष्ट्रीय
25-Mar-2026


इंदौर/भोपाल (ईएमएस) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 4 करोड़ रुपये के वर्तमान बाजार मूल्य वाली तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई धार स्थित मेसर्स नर्मदा शीत गृह के स्वामी राम पाटीदार से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में की गई है। ये संपत्तियां मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों में स्थित कृषि भूमि हैं। ईडी ने मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा राम पाटीदार और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। राम पाटीदार और अन्य पर पंजाब नेशनल बैंक को कथित रूप से धोखा देने और बैंक को अनुचित नुकसान पहुंचाने का आरोप है। ईडी की जांच में पता चला कि राम पाटीदार ने 4 करोड़ रुपये का सावधि ऋण लिया था। राम पाटीदार ने पंजाब नेशनल बैंक से 3.50 करोड़ रुपये का ऋण मेसर्स नर्मदा शीत गृह के नाम पर एक कोल्ड स्टोरेज सुविधा के निर्माण हेतु लिया। हालांकि, इस ऋण राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए करने के बजाय, इसे राम पाटीदार और उनके साथ जुड़े अन्य व्यक्तियों, जैसे परमानंद पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, मिथुन डावर और अन्य के नियंत्रण और प्रबंधन वाले कई खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इन अवैध गतिविधियों के परिणामस्वरूप, राम पाटीदार और अन्य आरोपियों ने पंजाब नेशनल बैंक को लगभग 3.36 करोड़ रुपये का अनुचित नुकसान पहुंचाया, जबकि उन्होंने इसके अनुरूप अनुचित लाभ अर्जित किया। आशीष पाराशर, २५ मार्च, २०२६