लेख
26-Mar-2026
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कौशल्या की गोद में,हैं बालक श्रीराम। जिनके सँग तो धर्म है,मर्यादा-आयाम।। सबके मन नर्तन करें,बहुत सुहाना पर्व। भक्त कर रहे आज सब,इस युग पर तो गर्व।। सकल विश्व को मिल गया,एक नवल उपहार। राम अवध में आ गए ,फैला है उजियार।। जन्म रामजी का हुआ,मंगल बाजें ख़ूब। आज अयोध्या में सभी,गये खुशी में डूब।। सुमन खिले हर ओर अब,नया हुआ परिवेश। दूर हुआ अभिशाप अब,परे हटा सब क्लेश।। आज धर्म की जीत है,पापी की तो हार। राम अवध में आ गए,फैला है उजियार।। महक रहे उपवन सभी,खुशियों की बरसात। दशरथ घर आई बड़ी,शुभ की नव सौगात।। आतिशबाज़ी सब करो,वारो मंगलदीप। आएगी संपन्नता,चलकर आज समीप।। बाल-वृद्ध उल्लास में,उत्साहित नर-नार। राम अवध में आ गए,फैला है उजियार।। प्रोफेसर शरद नारायण खरे /26मार्च2026