मनोरंजन
26-Mar-2026
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मुंबई (ईएमएस)। मनोरंजन जगत में एक प्लेटफॉर्म पर सफलता हासिल करने के बाद कलाकारों के लिए दूसरे माध्यम में खुद को स्थापित करना आसान नहीं होता। यहां हर कलाकार की यात्रा अलग और चुनौतीपूर्ण होती है। अभिनेत्री उल्का गुप्ता के लिए भी टीवी से फिल्मों तक का सफर कुछ ऐसा ही रहा। उल्का गुप्ता ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन से की और धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनानी शुरू की। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने अब तक के सफर को याद करते हुए बताया कि यह रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि टीवी में कई सालों तक काम करने और अभिनय की बारीकियां सीखने के बावजूद फिल्मों में आने के लिए उन्हें कई ऑडिशन्स देने पड़े और खुद को बार-बार साबित करना पड़ा। उन्होंने बताया कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगातार प्रयास हैं। उल्का ने कहा कि हर नए मौके के लिए उन्हें पहले से ज्यादा मेहनत करनी पड़ी, क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है और यहां अपनी पहचान बनाना समय लेता है। गौरतलब है कि उल्का गुप्ता को सबसे पहले पहचान लोकप्रिय टीवी शो झांसी की रानी से मिली थी। इस शो में उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के बचपन यानी ‘मणिकर्णिका’ का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और उनके करियर की मजबूत नींव रखी। इस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस शो ने उन्हें एक बेहतर कलाकार बनने में बहुत मदद की। फिल्मों को लेकर अपने नजरिए पर बात करते हुए उल्का गुप्ता ने कहा कि सिनेमा समाज का आईना होता है। उनके अनुसार, फिल्मों के जरिए समाज में घटित घटनाओं और वास्तविकताओं को सामने लाया जाता है। कई बार फिल्में सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों को उजागर करने के साथ-साथ उनके समाधान की दिशा भी दिखाने की कोशिश करती हैं। उल्का का मानना है कि एक कलाकार के रूप में जिम्मेदारी सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज से जुड़े विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना भी उतना ही जरूरी है। बता दें कि टीवी के बाद उल्का ने फिल्मों की ओर रुख किया और सिम्बा से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने अभिनेता रणवीर सिंह की बहन का किरदार निभाया। इसके बाद वह केरल स्टोरी 2 में ‘सुरेखा’ की भूमिका में नजर आईं, जहां उन्होंने एक गंभीर और प्रभावशाली किरदार को जीवंत किया। सुदामा/ईएमएस 26 मार्च 2026